TCS जो देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। इस कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में दूसरी तिमाही में कमी आई है। बुधवार 11 अक्टूबर को कंपनी ने अपने नतीजे जारी करते हुए बताया कि उसके कुल कर्मचारियों की संख्या में सितंबर तिमाही में 6333 कर्मचारियों की कमी आई है।
कंपनी ने इससे पहले जून तिमाही में 523 कर्मचारियों को जोड़ा था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि कर्मचारियों की संख्या में गिरावट कर्मचारियों के बेहतर इस्तेमाल और उत्पादकता में सुधार पर कंपनी के फोकस को दिखाता है।

कंपनी के चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर मिलिंद लक्कड़ ने कहा कि कंपनी की फ्रेशर्स को हायर करने और उन्हें ट्रेन करने की रणनीति रही है, जिसका फायदा उसको मिल रहा है।
चीफ ने कहा कि हमारी रणनीति बेहतर टैलेंट को हायर करने की रही है और उन्हें उन्हें सही स्किल्स ट्रेनिंग देने में निवेश करने की रही है। उन्होंने कहा कि जिसका हमें लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन टैलेंट के आने एंट्रिशन रेट में गिरावट से हम अपनी उत्पादकता को बढ़ाने में कामयाब रहे हैं।
टीसीएस इससे पहले जून तिमाही में इकलौती बड़ी कंपनी थी। जिसके कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। बाकी कंपनियों की एम्प्लॉयज की संख्या में अनिश्चिचत कारोबारी हालात के बीच गिरावट दर्ज की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दरअसल आईटी कंपनियों के सबसे बड़े खर्च में से एक कर्मचारियों की वेतन पर आने वाला खर्च होता है। ऐसे में कंपनियां अब टैलेंट के बेहतर यूटिलाइजेशन में लगी हैं।
सितंबर तिमाही के आखरी में गिरावट के साथ ही के कुल कर्मचारियों की संख्या 6 लाख 8 हजार 985 पर आ गई। हालांकि, कंपनी के एट्रिशन आंकड़ों में भी कमी आई है और सितंबर तिमाही के अंत में 14.9 प्रतिशत रहा। जो पिछले तिमाही में 17.8 प्रतिशत था।
बुधवार 11 अक्टूबर को टीसीएस ने अपनी मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी की तरफ से बताया गया है कि कंपनी का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट लगभग 9 प्रतिशत बढ़कर 11 हजार 342 करोड़ रु रहा।


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