Torrent Pharmaceuticals Share: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में कारोबार लाल निशान पर शुरू हुआ। देश की जानी-मानी दवा कंपनी टोरेंट फार्मास्युटिकल्स ने एक और बड़ी डील की घोषणा की है। कंपनी अब जेबी केमिकल्स एंड फार्मा लिमिटेड में मेजोरिटी स्टेक यानी नियंत्रण हिस्सेदारी लेने जा रही है।
इसके लिए टोरेंट फार्मा ने वैश्विक निवेश कंपनी KKR के साथ एक फिक्स समझौता (Definitive Agreement) किया है। वहीं, आज टोरेंट फार्मास्युटिकल्स के शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिख रहे हैं।

कंपनी के शेयर्स
टोरेंट फार्मास्युटिकल्स के शेयर आज 30 जून को पॉजिटिव ट्रेडिंग के साथ खुले लेकिन कुछ ही समय बाद शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है। बीते, शुक्रवार को कंपनी के शेयर हरे निशान पर बंद हुए थे। आज कंपनी के शेयर 0.58% की तेजी के साथ 3355 रुपए प्रति शेयर कारोबार कर रहा है। कंपनी ने इन्वेस्टर्स को बीते 1 हफ्ते मे 5.81% का रिटर्न दिया है।
₹11,917 करोड़ में होगा सौदा
इस डील की कुल कीमत करीब 11,917 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसके तहत टोरेंट फार्मा सबसे पहले 46.39% हिस्सेदारी खरीदेगी, जो कंपनी को जेबी केमिकल्स का बड़ा मालिक बना देगी। यह हिस्सेदारी 1,639.18 रुपए प्रति शेयर की दर से खरीदी जाएगी।
पब्लिक से और खरीदेगी 26% शेयर
इस डील के बाद टोरेंट फार्मा एक ओपन ऑफर भी लाएगी। इसमें वह पब्लिक शेयरहोल्डर्स से अतिरिक्त 26% इक्विटी खरीदने का ऑफर देगी। इससे कंपनी की पकड़ और मजबूत होगी और वह जेबी फार्मा पर पूरी तरह कंट्रोल कर पाएगी।
कर्मचारियों से भी खरीदेगी हिस्सेदारी
इतना ही नहीं टोरेंट फार्मा की योजना जेबी केमिकल्स के कर्मचारियों के पास मौजूद 2.80% शेयर भी खरीदने की है। इसका मतलब है कि कंपनी हर स्तर पर अपनी पकड़ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
टोरेंट फार्मा को क्या मिलेगा फायदा?
जेबी फार्मा पहले से ही कई अहम सेगमेंट जैसे कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रो, पेन मैनेजमेंट और थैरेपी में मजबूत ब्रांड बना चुकी है। इस अधिग्रहण से टोरेंट फार्मा को इन सभी क्षेत्रों में फायदा मिलेगा साथ ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में उसका नेटवर्क भी और बड़ा होगा।
कब तक पूरी होगी डील?
फिलहाल, डील को रेगुलेटरी मंजूरी और ओपन ऑफर की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। अगर सब कुछ तय समय पर होता है तो इस साल के अंत तक टोरेंट फार्मा को जेबी फार्मा पर पूरा नियंत्रण मिल सकता है।
नोमुरा ने टोरेंट फार्मा पर 3,580 रुपए के टारगेट कीमत के साथ 'न्यूट्रल' रेटिंग बनाए रखी जिसका अर्थ है कि पिछले बंद भाव से 7 प्रतिशत की बढ़त। ब्रोकरेज ने कहा कि निवेशकों को पिछले अधिग्रहणों और इसके स्थापित एमएंडए ढांचे के साथ टोरेंट के सफल ट्रैक रिकॉर्ड से राहत मिलने की संभावना है। जबकि इस सौदे से निकट समय में लागत तालमेल और लंबी समय में रेवेन्यू प्रॉफ़िट मिलने की उम्मीद है, नोमुरा ने लेन-देन के आकार को टोरेंट के पिछले खरीद-फरोख्त से काफी बड़ा बताया।
एचएसबीसी ने 'खरीदें' रेटिंग बनाए रखी है क्योंकि उसका मानना है कि यह सौदा भारत में क्रॉनिक थेरेपी में टोरेंट की स्थिति को मजबूत करेगा और अंतरराष्ट्रीय अनुबंध विकास और विनिर्माण (सीडीएमओ) क्षेत्र में इसकी क्षमताओं का विस्तार करेगा। एचएसबीसी ने हाई ब्याज लागत और परिशोधन के कारण निकट अवधि की आय पर संभावित प्रभाव को चिह्नित किया लेकिन सौदे के समापन तक अधिग्रहण को कंपनी के विकास के अगले चरण के रूप में देखता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)


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