
Top Mutual Fund : शुरू में ही बता दें कि आगे म्यूचुअल फंड स्कीमों के बताए जाने वाले रिटर्न पूरी अवधि के हैं यानी एब्सॉल्यूट हैं, न कि सालाना। ये रिटर्न आपके अधिक लग सकते हैं क्योंकि कोरोना की शुरुआत में गिरावट के बाद, शेयर बाजार ने बहुत तेजी से वापसी की, जिससे म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों को भी फायदा हुआ।
इसके अलावा, यह पर ध्यान देने वाली एक और बात है कि हम जो हर एक म्यूचुअल फंड हाउस है। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले योजना का चयन किया है। यह जरूरी नही कि यह सभी योजना बेहतर प्रदर्शन करने वाली योजना हो। हमने सम्पूर्ण रिटर्न को ध्यान में रखा है और न कि सीएजीआर या वार्षिक रिटर्न को ध्यान में रखा गया है।
अगर हम 3 तीन वर्षों में 376 प्रतिशत तक रिटर्न देने वाली स्कीम की बात करें, तो इसमें पहला नाम क्वांट स्मॉल कैप फंड जिसने 376 प्रतिशत तक रिटर्न दिया है। इसमें दूसरा नाम आदित्य बिड़ला सनलाइफ डिजिटल 164 प्रतिशत तक रिटर्न दिया है। अगर हम बड़ौदा बीएनपी पारिबा मिडकैप फंड की बात करें, तो फिर इसने 126 फीसदी तक रिटर्न दिया है।
अगर हम केनरा रोबेको स्मॉल कैप फंड की बात करें, तो 217.23 फीसदी, एचडीएफसी स्मॉल कैप फंड 206 फीसदी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल कमोडिटीज 297 फीसदी और एसबीआई कॉन्ट्रा फंड 200 फीसदी तक रिटर्न दिया है।
देखा जा सकता है कि जो कुछ स्टार परफॉर्मर्स स्मॉल और मिड स्पेस से है। यह पर अस्थिरता ज्यादा हो सकती है। इसी कारण इनवेस्टर्स को सावधानी से चलने की आवश्यकता है। इसके अलावा मार्च 2000 का जो निचला स्तर है। इस स्तर से सूचकांक करीब दो गुना हो गया है। जिससे जो म्यूचुअल फंड स्कीम है। इन स्कीम में फायदा हुआ है।
खास तौर पर स्मॉल और मिड कैप स्पेस से 3 वर्ष की को स्मॉल अवधि में कहा जा रहा है कि मार्केट कही नही है। निवेशकों को कुछ चीज समझना होगा कि प्रदर्शन के मामले में बदलाव होता है। इसका मतलब यह है कि कल बेहतर प्रदर्शन किया। भविष्य में भी लगातार ऐसा नहीं हो सकता है।
नोट : यहां पर निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।


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