देश में बढ़ते कोरोना के बीच महंगाई ने भी कमर तोड़ दी है। बरसात का सीजन शुरू होने के साथ ही फल सब्जियों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
नई दिल्ली: देश में बढ़ते कोरोना के बीच महंगाई ने भी कमर तोड़ दी है। बरसात का सीजन शुरू होने के साथ ही फल सब्जियों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बरसात के मौसम में वैसे तो हरी सब्जियां महंगी हो जाती है। लेकिन इस बार तो टमाटर सबसे लाल हुआ है। एक महीने पहले करीब 20 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर आज 80 रुपये के पार पहुंच गया है। अब तो आलू भी 50 रुपये किलो बिक रहा है।
टमाटर 100 रुपये हुई एक किलो की कीमत
उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक 16 जुलाई को को आलू 20 से 50 रुपये किलो बिक रहा है तो वहीं टमाटर 30 रुपये से 80 रुपये। जबकि खुदरा बाजारों की बात करें तक गुरुग्राम, गंगटोक, सिलीगुड़ी और रायपुर में टमाटर 70-90 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है। वहीं गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, गोरखपुर, कोटा में 80 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट से बिक रहा है। दिल्ली में टमाटर 80 रुपये से 100 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रहा है। उपभोक्ता मंत्री ने कहा कि इस मौसम में टमाटर के खराब होने की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए कीमत में तेजी आई है। वहीं उन्होंने कहा कि फसल का समय नहीं होने के कारण आम तौर पर, जुलाई से सितंबर के दौरान टमाटर की कीमतें अधिक रहती हैं। टमाटर के जल्द खराब होने के गुण के कारण, इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव अधिक होता है। वहीं आपूर्ति सुधरने के बाद कीमतें सामान्य स्तर पर आ जाएंगी। एक महीने पहले यह करीब 20 रुपये किलो बिक रहा था।
जानिए क्यों महंगी हो रही सब्जियां
मानसून सीजन में हो रही भारी बारिश से फसल खराब हो रही है। वहीं, लॉकडाउन और डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते लागत बढ़ गई है। इसीलिए टमाटर समेत अन्य सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
हरियाणा और हिमाचल में टमाटर की फसल खराब हुई है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी लॉकडाउन ने टमाटर की कीमतें बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पंजाब, तमिलनाडु, केरल, जम्मू और कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश देश के कम टमाटर उत्पादन करने वाले राज्य हैं।
सेब तीन गुना महंगा
अमूमन अभी तक 100-120 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाला सेब इन दिनों 250-300 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। फल कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों फल मंडी में केवल विदेशी सेब की आवक है। नैनीताल से बहुत कम मात्रा में सेब की आवक हो रही है। वहां से आने वाले सेब का थोक भाव 100 रुपये प्रति किलो है। वहीं अमेरिका और न्यूजीलैंड से आने वाला सेब का थोक भाव 200-220 प्रति किलो है। जिस पर सेब का कारोबार टिका है। यही कारण है कि इन दिनों सेब महंगा बिक रहा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि अगले 15 दिन बाद हिमाचल प्रदेश से नई फसल आने लगेगी तब भाव में कुछ नरमी दिखेगी।
चीनी की कीमतें 2 रुपये तक बढ़ाने को मिली मंजूरी
गन्ना किसानों को राहत देने के लिए चीनी का एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 2 रुपये बढ़कार 33 रुपये करने की मंजूरी मिल गई है। बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक समूह ने चीनी के एमएसपी को 2 रुपये तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से शुगर मिलों की आय में बढ़ोतरी होगी जिससे वो किसानों के बकाए का भुगतान कर पाएंगी। चीनी उत्पादन वर्ष 2019-20 के दौरान देशभर के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर बकाया 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।


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