गर्मियों में भारी तापमान से इस बार लोगों का बेहाल कर रखा. हाल के बाद अब प्रचंड गर्मी का कहर सीधे जेब पर पड़ रही. क्योंकि तेज गर्मी के चलते सब्जियों की कीमतें तूफानी तेजी से बढ़ रही. इसमें टमाटर खासकर फोकस में है. दक्षिण भारत में टमाटर के भाव 90-100 रुपए प्रति किलोग्राम पर बिक रहा. इन राज्यों में तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक तो हैं ही. महाराष्ट्र में भी टमाटर के भाव आसमान छू रहे. यहां भी रेट 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. इस साल गर्मियों के दौरान रिकॉर्डतोड़ तापमान ही कीमतों में बढ़ोतरी की असली वजह है.
भयंकर गर्मी से उत्पादन घटा
तेज गर्मी के चलते उत्पादन पर असर पड़ा है. टमाटर पैदा करने वाले किसानों ने पिछले साल का हाल देख इस बार खेती का रकबा बढ़ा दिया था, लेकिन प्रचंड गर्मी से उत्पादन कम हो गया. नतीजतन, डिमांड और सप्लाई का गणित अब बिगड़ गया है. इससे भाव में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही.

टमाटर का उत्पादन घटा
CNBC TV18 की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के जुन्नार में गर्मियों में फसल का सामान्य टमाटर उत्पादन 2,000 कार्टन प्रति एकड़ है. गर्मियों के सीजन का मतलब जो फसल मार्च-अप्रैल में बोई जाए और जून में काटी जाए. बता दें कि एक कार्टन में 20 किलो टमाटर होते हैं. लेकिन इस बार गर्मी ज्यादा पड़ने से उत्पादन में गिराटव आई है.
इस साल प्रति एकड़ टमाटर का उत्पादन घटकर मुश्किलन 500-600 कार्टन पर आ गया. यही हाल महाराष्ट्र के अन्य टमाटर प्रोडक्शन एरिया में भी है. इसका असर सप्लाई चेन पर पड़ा. सप्लाई की इस कमी की वजह से कीमतों पर सीधा असर हुआ. नतीजनत, मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र में खुदरा भाव 90 से 100 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं.
मानसून में बढ़ जाता है सब्जियों के भाव
सब्जियों के दाम आमतौर पर मानसून के महीनों में बढ़ जाते हैं. हालांकि, इस बार मामला थोड़ा अलग है. कीमतों में उछाल की एक वजह मानसून तो है, लेकिन सबसे बड़ी वजह भयंकर गर्मी ही है, जिससे सब्जियों के भाव बढ़ गए हैं. हर साल मानसून के महीनों के दौरान सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं क्योंकि बारिश का असर फसलों पर पड़ता है. दरअसल, बारिश में हार्वेस्टिंग और पैकेजिंग सहित फसलों की कटाई प्रभावित होती है. ट्रांसपोर्टेशन के दौरान बारिश के पानी के संपर्क में आने से सब्जियों की बर्बादी भी बढ़ जाती है.


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