नई दिल्ली। भारत सरकार के जम्मू एंड कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान ने भारत से कारोबारी रिश्ता तोड़ लिया था। लेकिन इससे भारत को तो कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन पाकिस्तान के लोग अब टमाटर तक खाने को तरस रहे हैं। पाकिस्तान में ज्यादातर टमाटर की आपूर्ति भारत से ही होती थी। भारत पाकिस्तान को सस्ते में टमाटर की आपूर्ति करता था। पाकिस्तान ने करीब 2 महीने पहले ही भारत से कारोबारी रिश्ता तोड़ा है और इसके चलते पाकिस्तान में कई दिक्कतें खड़ी हो चुकी हैं। वहां की कॉटन इंडस्ट्री को भी भारत से सस्ता कपास जाता था, लेकिन अब वह भी नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते कॉटन इंडस्ट्री बंद हो रही है, और वहां बेरोजगारी फैल रही है। फिलहाल पाकिस्तान में टमाटर का रेट 300 रुपये किलो के पार निकल चुका है। वहीं पाकिस्तान के पास इतनी विदेशी मुद्रा भी नहीं है कि वह टमाटर का आयात कर रेट को काबू में रख सके।
टमाटर के रेट पर भिड़े मीडिया और अधिकारी
पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के वित्तीय सलाहकार अब्दुल हाफिज शेख ने यहां पत्रकारों से कहा कि कराची की मंडियों में टमाटर 17 रुपये किलो मिल रहा है। इसके जबाव में पत्रकारों ने कहा कि मंडियों में टमाटर 300 रुपये प्रति किलो के पार निकल चुका है। मीडिया ने बाद में शेख पर जनता से झूठ बोलने का आरोप लगाया।
वहीं जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार एक पत्रकार ने डा. शेख से पूछा कौन सी सब्जी मंडी में टमाटर 17 रुपये किलो की दर पर मिल रहा है, तो शेख ने कहा कि आप खुद जाकर के पता कर लें। एक पत्रकार ने शेख से कहा कि उन्होंने खुद 300 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर खरीदा है।
320 रुपये पहुंची कीमत
इस सप्ताहांत में कराची शहर में टमाटर की कीमत 320 रुपये किलो पहुंच गई। थोक कीमतों में इजाफे के चलते खुदरा दुकानदार ज्यादा कीमत पर बेच रहे हैं। अक्तूबर माह में टमाटर की कीमत 100 से 120 रुपये के बीच चल रही थी। टमाटर की इस महंगाई के चलते अब पाकिस्तान में कई लोग विकल्प के तौर पर योगर्ट को आजमा रहे हैं। वहीं एक गृहणी कहना था कि महंगाई की समस्या से कई बार दो-चार होना पड़ा है। ऐसे में उन्होंने जब दाम कम हो ज्यादा मात्रा में टमाटर ले लिया और उसे फ्रीज कर रखा लिया है।
टमाटर की हो रही जमाखोरी
करांची के एक स्थानीय विक्रेता अब्दुल करीम ने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी की वजह से टमाटर के दाम बढ़े हैं। कराची में थोक सब्जी विक्रेता एसोसिएशन के प्रेसीडेंट हाजी शाहजहां ने कहा कि बलूचिस्तान से टमाटर की आवक कम हो रही है। इसके अलावा ईरान से आने वाला टमाटर भी नहीं पहुंच पा रहा है। काबुल से आने वाला टमाटर भी किसी कारण से रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर टमाटर की फसल अक्टूबर में आ जाती है, लेकिन इस बार इसमें देरी हुई है। इसकी वजह से दाम बढ़े हुए हैं।


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