Toll Tax Rate News: अगर आप हाईवे पर सफर करने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश भर में टोल टैक्स में औसतन पांच प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है।

एनएचएआई ने दी यह जानकारी
अब ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को आज से अधिक पैसे भरने होंगे। आपको बता दें कि इसका असर कार बस सभी पर होगा।
आपको बता दें कि राजमार्ग उपयोगकर्ता शुल्क का वार्षिक संशोधन पहले एक अप्रैल से लागू होना था लेकिन लोकसभा चुनावों के कारण वृद्धि स्थगित कर दी गई थी। वार्षिक संशोधन औसतन पांच प्रतिशत के दायरे में रहने की संभावना है।
एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी पहले ही दी थी कि नया उपयोगकर्ता शुल्क तीन जून, 2024 से लागू होगा और टोल शुल्क में यह परिवर्तन सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति में परिवर्तन से जुड़ी दरों को संशोधित करने की वार्षिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
इतना देना पड़ेगा टोल टैक्स
2 जून से ही रात 12 बजे से मेरठ से सराय काले खां तक जाने वाले कार चालकों को काशी (परतापुर) टोल प्लाजा पर 160 रुपये के बजाय 165 रुपये शुल्क देना आनिवर्य कर दिया गया था।
अब 24 घंटे में दोनों तरफ का शुल्क 230 रुपये के स्थान पर 250 रुपये देना होगा। आपको बता दें कि मेरठ-करनाल हाईवे पर मेरठ से वाया शामली करनाल जाने के लिए वाहन चालकों पर पांच से दस रुपये का बोझ बढ़ेगा।
अलग-अलग वाहन श्रेणी के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
मेरठ से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होते हुए गाजियाबाद या करनाल हाईवे होते हुए शामली तक जाने वाले वाहन चालकों पर टोल टैक्स की अधिक मार पड़ेगी।
वहीं, अब प्रयागराज से वाराणसी और कौशांबी से प्रतापगढ़ जाने का सफर मंहगा भी हो जाएगा। टोल टैक्स में छोटे वाहन जैसे कार व अन्य पर पांच से सात रुपये प्रति किलोमीटर और भारी वाहनों से 25 से 30 रुपये प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है।
कानपुर-प्रयागराज हाईवे के बीच सर्वाधिक टोल टैक्स बढ़ाया है। इसमें कार से जाने पर फतेहपुर के बड़ौरी टोल प्लाजा में 55 रुपये और कटोघन टोल प्लाजा में 40 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
आम जनता की जेब पर पड़गा असर
अधिकारियों के अनुसार टोल शुल्क में बढ़ोतरी और ईंधन उत्पादों पर कराधान से राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के लिए भुगतान करने में मदद मिलेगी लेकिन दूसरी ओर कई मोटर चालकों को शुल्क में वार्षिक वृद्धि होने के कारण आवश्यक वस्तुओं की परिवहन लागत बढ़ने की भी दुविधा नजर आई है और इससे यात्रियों पर अधिक बोझ पड़ेगा।
आपको बता दें कि टोल फीस को हर साल संशोधित किया जाता है और यह होलसेल प्राइस इंडेक्स के आधार पर मुद्रास्फीति में परिवर्तन से जुड़ी हुई है।
More From GoodReturns

दिल्ली मेट्रो अलर्ट: आज 18 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले चेक करें ये जरूरी अपडेट

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके



Click it and Unblock the Notifications