नई दिल्ली, अक्टूबर 29। वित्त मंत्रालय ने दिवाली से पहले नौकरीपेशा लोगों को बड़ी खुशखबरी दी है। वित्त मंत्रालय ने कर्मचारियों के पीएफ के ब्याज पर अंतिम मोहर लगा दी है। वित्त मंत्रालय ने आज यानी 29 अक्टूबर 2021 को प्राविडेंड फंड यानी पीएफ पर 8.5 फीसदी ब्याज दर की मंजूरी दे दी है। पीएफ पर यह ब्याज वित्त वर्ष 2020-2021 के लिए मंजूर किया गया है। रिटायरमेंट फंड संगठन ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2020-2021 के लिए पीएफ पर 8.5 फीसदी ब्याज की सिफारिश की थी। इसे आज सरकार न ेसरकार ने मान लिया है। ईपीएफओ ने बीते 4 मार्च 2021 को वित्त वर्ष 2020-2021 के लिए 8.5 फीसदी ब्याज दर रखने का प्रस्ताव सरकार को दिया था।
दिवाली तक मिल सकता है ब्याज
वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही लेबर मिनिस्ट्री पीएफ पर ब्याज देना शुरू करता है। वित्त मंत्रालय की इस मंजूरी के बाद अब ईपीएफओ 6 करोड़ खाताधारकों को ब्याज ट्रांसफर करेगा। उम्मीद की जाती है कि दिवाली तक यह ब्याज कर्मचारियों के पीएफ खाते में आ जाएगा।
कैसे होती है पीएफ में ब्याज की गणना
- पीएफ खाते में ब्याज दर की गणना मासिक आधार पर की जाती है। हालांकि ब्याज पीएफ खाते में वार्षिक आधार पर 31 मार्च को ट्रान्सफर किया जाता है।
- ट्रान्सफर ब्याज अगले महीने अर्थात अप्रैल की शेष राशि के साथ मिला लिया जाता है। इसके बाद कुल राशि पर ब्याज की गणना की जाती है।
पीएफ के जरूरी नियम
- यदि लगातार 36 महीनों (3 साल तक) तक पीएफ खाते में योगदान न किया जाये, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है।
- वह कर्मचारी जिनकी उम्र रिटायर्मेंट की नहीं हुई है, उन्हें निष्क्रिय खातों पर ब्याज प्रदान किया जाता है।
- केवल रिटायर कर्मचारियों के निष्क्रिय खातों में जमा राशि पर ब्याज नहीं दिया जाता है।
ईपीएफ की खास बातें
- कंपनी के 12 फीसदी और कर्मचारी भी इतना ही पैसा इस फंड में देता है।
- कंपनी की तरफ से कुल योगदान को कर्मचारी पेंशन योजना में 8.33 फीसदी और कर्मचारी भविष्य निधि के लिए 3.67 फीसदी के रूप में बांट दिया जाता है।
- कर्मचारी की तरफ से किया गया योगदान पूरी तरह से कर्मचारी के भविष्य निधि में जाता है।


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