नई दिल्ली, सितंबर 22। सभी लोगों का सपना होता है कि उनका खुद का अपना घर हो। सभी लोग अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए सालो तक मेहनन करते हैं। आज के चलन में लोग बना-बनाया अपार्टमेंट या फ्लैट खरीदना पसंद कर रहे हैं। वहीं प्लाट खरीदकर अपना घर बनाने वालों की संख्या भी काफी है। अब गावों से लेकर शहरों तक घर बनवाने के लिए विल्डरों को कैन्ट्रैक्ट दिए जा रहे हैं। चलिए आज यह समझते हैं कि विल्डरों से घर बनवाने में फायदा है कि आपको अपने सपनों का आशियाना खुद बनाना चाहिए।
विल्डर के माध्यम से घर बनवाने के फायदे नुकसान
चलिए आपकों बिल्डर की मदद से घर बनवाने के फायदे नुकसान को समझाते हैं। अक्सर ऐसा होता है कि बिल्डर को घर बनवाने का ठेका देने के बाद आप निश्चिंत हो जाते हैं। ठेका देने के बाद आप अपने काम में व्यस्त हो जाते हैं। आप इस बात पर भी ध्यान नहीं देते कि बिल्डर किस कंपनी का सिमेंट या सरीये का प्रयोग कर रहा है। मजदूरों और घर बनाने वाले कारीगरों का भी चयन खूद ठेकेदार ही करता है। विल्डरों के पास तमाम तकनिकी उपलब्ध होती है जिसकी वजह से घर सुंदर तो लगता है लेकिन इनसे घर बनावाने में क्वालिटी को लेकर सवालिया निशान बना रहता है।
क्वालिटी पर रहता है सवालिया निशान
बिल्डरों के माध्यम से बनाए गए घर में सबसे बड़ी शिकायत क्वालिटी को लेकर ही आती है। बिल्डर ज्यादा पैसे बचाने के चक्कर में सही समाग्रियों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। दोहरे क्वालिटी के मैटेरियल के कारण मकान की मजबुती पर असर पड़ता है। कई बार ऐसा होता है कि सिमेंट की मात्रा से लेकर पलंबिंग के काम तक में अच्छी क्वालिटी के मैटेरियल का प्रयोग नहीं करते हैं।
खुद से घर बनवाने के हैं अनेको फायदे
अगर आप खुद ही समय देकर घर बनवाते हैं तो निश्चित ही आप क्वालिटी के साथ समझौता तो नहीं करेंगे। और आपके पैसे की भी बचत होगी। खूद से घर बनवाने के फायदा यह है कि आप का घर मजबूत बनेगा और घर में लगने वाले अन्य समानों का फैसला भी आप ही लेंगे। मजदूरों से लेकर कारगिर तक आपके मन मुताबिक काम करते हैं। पैसों की बचत की बात करें तो आप विल्डर को दिए पैसों की तुलना में 3-4 लाख रुपए की बचत कर सकते हैं।


Click it and Unblock the Notifications