नई दिल्ली, सितंबर 06। अक्सर लोगों का यह कहना होता है उनकी कमाई सालाना 5 लाख रुपये से थोड़ी ही ज्यादा है, फिर भी उन्हें इनकम टैक्स देना पड़ता है। रिटर्न फाइल करने के अंतिम दिनों में ऐसे लोग टैक्स बचाने के लिए जोड़ तोड़ करते है। हालांकि कुछ लोग टैक्स को लेकर बहुत जागरूक होते हैं और इसकी गणना पहले से ही कर के रखते हैं। अगर आप टैक्स बचाने के तरीकों को समझने की कोशिश कर रहे हैं तो आज हम आपको कुछ विकल्पो के विषय में बताएंगे जो आपकी टैक्स बचाने में मदद कर सकते हैं। कोई भी टैक्सपेयर एचआरए, एनपीएस और हेल्थ इंश्योरेंस के माध्यम से 2 लाख रुपए से ज्यादा का टैक्स बचा सकता है। चलिए आपको इन विकल्पों के विषय में बताते हैं।
एचआरए करेगा मदद
अगर करदाता अपने माता-पिता के साथ अपने दादा के घर में रहता है और उसे घर का किराया नहीं देना पड़ता है तो एक तरकीब है। अगर टैक्सपेयर अपने दादा को प्रति माह 43 हजार रुपए का टैक्स दे तो उसका पूरा एचआरए टैक्स फ्री हो जाएगा। इस तरह 1.34 लाख रुपए की बचत की जा सकती है। आपके किराया देने के बाद आपके दादा पर 30 फीसदी मानक कटौती की जाएगी जिसके बाद 5.16 लाख रुपये के किराए पर टैक्स लगाया जाएगा। टैक्स में उनको एनपीएस के तहत छूट मिल जाएगी।
एनपीएस भी दीलाता है छूट
आयकर की धारा 80 सीसीडी के तहत एनपीएस में निवेश किए गए मूल वेतन की 10 प्रतिशत तक की राशि टैक्स फ्री होती है। कर्मचारियों के वेतन के अनुसार कंपनिया हर महीने एनपीएस में 7,169 रुपये या मूल वेतन का 10 प्रतिशत इन्वेस्ट करती है। इसकी मदद से टैक्स देने वाले का करीब 27,000 रुपये बच जाएगा। कोई भी टैक्सपेयर एनपीएस में 50,000 रुपये का निवेश करके 15,600 रुपये का टैक्स आराम से बचा सकता हैं।
टैक्स फ्री सुविधाए भी मिलती है
आप कंपनी से मिलने वाली तमाम सुविधाओं का भी टैक्स फ्री कराने में इस्तेमाल कर सकते है। जैसे की कंपनी से मिलने वाले फूड कूपन, एलटीए और गैजेट अलाउंस इन सभी खर्च को वर्क फ्रॉम होम में सम्मलित कर के टैक्स में छूट पाया जा सकता है। अगर किसी कर्मचारी को 22,000 रुपये का फूड कूपन, 60,000 रुपये का एलटीए और 60,000 का गैजेट अलाउंस मिलता है तो वह सालाना टैक्स में 42,500 रुपये तक आराम से बचा सकता है।


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