Investment : भारत में लगभग हर कोई व्यक्ति अपने वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए बचत करता हैं और निवेश करता हैं। सबसे लंबे वक्त के लिए जो वित्तीय योजनाएं होती हैं। वो हमारे रिटायरमेंट के लिए होती हैं। आप जितना जल्दी निवेश करना शुरू करते हैं। आपके पास उतना ही अधिक रिटायरमेंट फंड तैयार होता हैं। लोग अपनी लाइफ के जो अलग अलग समय हैं। उसके लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करते हैं। दरअसल, जब तक व्यक्ति की शादी नहीं होती हैं। तब तक व्यक्ति पर जिम्मेदारियां नहीं होती हैं। यही समय बहुत बेहतर होता हैं। आपके निवेश और बचत के लिए क्योंकि आपके पास जॉब भी होती हैं। अपनी वेतन का जो अधिकतम हिस्सा होता हैं। उसको निवेश कर सकते हैं। यह जो समय होता हैं। जब आप अधिक जोखिम वाले ऑप्शन हैं। उसमें निवेश कर सकते हैं। जैसे- स्टॉक्स, स्मॉल कैप फंड्स आदि। यह जो स्टेज होती हैं इसमें आपका जो पोर्टफोलियो होता हैं। उसका 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत जो हिस्सा होता हैं। वो स्टॉक्स का हो सकता है।

आप छोटी छोटी बचत कर सकते हैं
कोई भी व्यक्ति जो होता हैं। उसके लाइफ का जो अगला स्टेज होता हैं वो शादी का होता हैं। इस स्टेज में वे खुद का घर, कार जैसे चीज उनको चाहिए होती हैं। वे फैमिली प्लानिंग करना चाहते हैं। उसके लिए सक्षम होना चाहते हैं। उसके लिए वे फाइनेंशियल रूप से सक्षम रहना चाहते हैं। इस समय उनका शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म गोल्स होता हैं। यह जो स्टेज होता हैं इसमें आप एसआईपी के माध्यम से छोटी छोटी बचत कर सकते हैं। यह जो स्टेज होती हैं इसमें आपका जो पोर्टफोलियो होता हैं। उसका 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत जो हिस्सा होता हैं। वो स्टॉक्स का हो सकता है।

पैसा लगाते एफडी और हाइब्रिड फंड्स में
लाइफ की जो तीसरी स्टेज होती हैं उसमें आप पेरेंट्स बनते हैं। यह जो स्टेज होती हैं इसमें आपको अपने बच्चों की शादी, एजुकेशन, रिटायरमेंट की चिंता होती है और इसके लिए आप बचत और निवेश करते है। किसी भी फाइनेंशियल संकट से बचने के लिए आपके पास पर्याप्त लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस होना चाहिए। आप इस स्टेज में एफडी में पैसा लगा सकते हैं। यह जो स्टेज होता हैं इसमें आपका पोर्टफोलियो का 50 प्रतिशत से 70 प्रतिशत हिस्सा स्टॉक्स में होता हैं।

निवेश कर सकते हैं इन सेविंग प्लान्स में
जो चौथी स्टेज होती हैं इसमें आपका रिटायरमेंट का समय आता हैं, तो इस स्टेज में आपके द्वारा पहले किए गए अधिकतर निवेश जो होते हैं वो मैच्योरिटी की कगार में होते हैं। इस समय आपकी नियमित जो आय होती हैं वो बंद हो जाती हैं। इस समय में आपके जो खर्चे होते हैं वो आपके पुराने निवेश में निर्भर करते हैं। इसको आपको पोर्टफोलियो में जोखिम को कम से कम करना होता है। यह जो स्टेज होती हैं। उसमें आप सीनियर सिटीजन सेविंग प्लान्स, पोस्ट ऑफिस मंथली प्लान्स आदि में इन्वेस्ट कर सकते हैं।
More From GoodReturns

GIFT City क्या है? NRIs के लिए Dollar Investment का आसान तरीका | Benefits, Process & Risks

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis



Click it and Unblock the Notifications