Tips : ऐसा केवल देश में भी नही बल्कि विदेशी इक्विटी मार्केट से भी ऐसे संकेत मिल रहे हैं। पिछले एक वर्ष में देश और विश्व स्तर पर जो इक्विटी मार्केट हैं। वो अस्थिर रहे हैं। लगातार जो मुद्रास्फीति बढ़ रही हैं। उसका मुकाबला करने के लिए रेट्स में बढ़ोतरी की वजह से दुनिया भर के सेंट्रल बैंक एक बार फिर बाजार को नियंत्रित कर रहे हैं। इन चुनौतियों और अस्थिर बाहरी वातावरण हैं। उसके बावजूद एक सकारात्मक बात यह है। कि भारत एक स्थिर अर्थव्यवस्था का आनंद ले रहा है। ऐसे में निवेश पोर्टफोलियो ने इन तीन चीजों का समावेश होना बहुत जरूरी हैं।

निवेश करें डेट म्यूचुअल फंड में
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के एमडी और सीईओ निमेश शाह के अनुसार, निवेश के दौरान जो हायर यील्ड हैं। उसको देखते हुए एक एसेट क्लास-डेट-जिसे अब तक लोकप्रियता हासिल नहीं हुई है। वो पिछले 18 से 20 महीने से फिर से आकर्षक लग रहा हैं। आने वाले दिनों में बैठकों में रेपो दर में बढ़ोतरी हो सकती हैं क्योंकि उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें ऊंची है इसने करीब सभी वैश्विक अर्थव्यवस्था हैं। उसके साथ भारत में भी मुद्रास्फीति और आरबीआई हैं। उसके समक्ष चुनौती खड़ी की है। इसी वजह से भविष्य में ऊंची अक्रूअल स्कीम और डाइनैमिक ड्यूरेशन वाली स्कीम हैं उसकी सिफारिश की जाती है। उस हिसाब से डेट फंड आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

लाभ ले समाधान उन्मुख ऑफर्स से जो म्यूचुअल फंड प्रदान करते हैं
आने वाले कुछ वर्षों में इनवेस्टर्स को आदर्श रूप से 3 से 5 वर्षों के वक्त के समय के साथ एसआईपी के माध्यम से निवेश करना चाहिए। जो इक्विटी निवेश हैं। उसके नजरिए से एक मुश्त जो निवेश हैं। उसके लिए निवेशक एसेट अलोकेशन रणनीतियों जैसे कि संतुलित फायदे है या बहु-परिसंपत्ति श्रेणी पर विचार कर सकते हैं। प्लानिंग के तरीके से अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से जो फाइनेंशियल गोल को प्राप्त करना हैं। उसके लिए बूस्टर एसआईपी, बूस्टर एसटीपी, फ्रीडम एसआईपी या फ्रीडम एसडब्ल्यूपी जैसे फीचर्स हैं उस पर भी विचार कर सकते हैं।

निवेश करें गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ और फंड ऑफ फंड्स में
एसेट क्लास में एक विविध पोर्टफोलियो जो हैं वो यह सुनिश्चित करेगा। किसी भी एक जगह की रिस्क को कम किया जाएं। अनिश्चितता को देखते हुए। सोने और चांदी में निवेश करने का एक बेहतर मौका आपके सामने होता हैं। वे न केवल मुद्रास्फीति के खिलाफ, बल्कि मुद्रा मूल्यह्रास हैं। उसके खिलाफ भी बचाव के रूप में काम करता हैं। जो निवेशक हैं इसमें ईटीएफ के माध्यम से निवेश करने के बारे में विचार कर सकते हैं और जिस व्यक्ति के पास जो डीमेट अकाउंट होता हैं वो नही हैं, तो फिर वो व्यक्ति गोल्ड या सिल्वर फंड ऑफ फंड हैं वो एक निवेश का ऑप्शन है।
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