नई दिल्ली, जुलाई 02। कुछ समय पहले देश के प्रमुख प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक ने कुछ ग्राहकों के खाते में करोड़ों रु भेज दिए थे। अब ये उन ग्राहकों से इस पैसे को वसूल नहीं कर पा रहा है। एचडीएफसी बैंक ने एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण कुछ ग्राहकों के खाते में गलती से पैसा भेज दिया था। ये उस पैसे की वसूली के लिए संघर्ष कर रहा है। आगे जानिए पूरा मामला।
100 करोड़ रु का है सवाल
मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक करीब 4,468 ग्राहक खातों से 100 करोड़ रुपये की राशि वसूल करने की कोशिश कर रहा है। मगर इसके लिए बैंक को संघर्ष करना पड़ रहा है। अनुमान है कि अभी तक यह 35-40 करोड़ रु वापस नहीं प्राप्त कर सका है। मामला मई महीने का है। चेन्नई, तमिलनाडु में एचडीएफसी बैंक के बहुत से ग्राहकों के बैंक बैलेंस में हजारों में नहीं, बल्कि कुछ के खातों में लाखों और करोड़ों तक की बढ़ोतरी हो गयी।
ये है पूरा मामला
चेन्नई में बैंक के कुछ ग्राहक टेक्निकल एरर के कारण 29 मई को करोड़पति बन गए। बैंक की टी नगर शाखा से जुड़े 100 खातों में प्रत्येक में 13 करोड़ रुपये जमा किए गए। बैंक ने दावा किया था कि विभिन्न खातों में जो पैसा गया है उसकी मात्रा कुछ हजार रुपये से लेकर 13 करोड़ रुपये तक है।
अब हो रही समस्या
एचडीएफसी बैंक ने बता दिया था यह मामला तकनीकी खराबी का है। ये मामला कुछ शाखाओं के कुछ खातों तक ही सीमित रहा था। 29 मई को मैंटेनेंस के तहत एक सॉफ्टवेयर पैच की शुरुआत के कारण यह समस्या आई थी।
लोग नहीं कर रहे सहयोग
वसूली प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने वाले कुछ ग्राहकों ने बैंक द्वारा उत्पीड़न की शिकायत की है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक को धन की वसूली के लिए कानूनी उपायों का सहारा लेना पड़ सकता है। बैंक के अनुसार पैसा ट्रांसफर का मुद्दा लगभग पूरी तरह से हल हो गया है। मामले का रेफ्रेंस रखने के लिए 28 मई की रात / 29 मई, 2022 की सुबह सिस्टम पैच अपग्रेड के बाद कुछ ग्राहक खातों के बैलेंस में एक डिस्प्ले एरर देखी गई। तकनीकी खराबी के कारण कुछ ग्राहकों को कथित तौर पर लगभग 13 करोड़ रुपये प्राप्त होने के बाद बैंक ने लगभग 100 बैंक खातों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। यह घटना चेन्नई के त्यागराय नगर के उस्मान रोड पर एक शाखा में सिस्टम अपग्रेड के दौरान हुई। भारत के अलावा ऐसी घटनाएं विदेशों में भी होती हैं। हाल ही में ब्रिटेन के एक शख्स के खाते में एक साथ 25 करोड़ रु आ गए। मगर ये पैसा उसके खाते में रुका नहीं। क्योंकि एक तकनीकी गड़बड़ थी। यानी ये पैसा उसे कभी मिला ही नहीं।
और भी आई दिक्कतें
एचडीएफसी बैंक ने पहले कुछ डिजिटल ऑफरिंग पर आरबीआई के प्रतिबंधों के बाद पूरे सिस्टम की कायापलट करने का फैसला किया था। एचडीएफसी बैंक अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बार-बार तकनीकी गड़बड़ियों के लिए आरबीआई के निशाने पर था। आरबीआई ने इस साल मार्च में प्रतिबंध हटा लिया था। लगभग ढाई साल पहले, केंद्रीय बैंक ने बैंक को सभी डिजिटल लॉन्च और क्रेडिट कार्ड ग्राहकों की नई सोर्सिंग को अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया था।


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