नई दिल्ली, मई 25। रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि इसने डिजिटल लेंडिंग ऑपरेशन में आउटसोर्सिंग और फेयर प्रेक्टिसेज कोड से संबंधित मानदंडों के उल्लंघन के लिए पांच एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) को रद्द कर दिया है। वे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) जिनका सीओआर रद्द कर दिया गया है, उनमें यूएमबी सिक्योरिटीज लिमिटेड, अनाश्री फिनवेस्ट, चड्ढा फाइनेंस, एलेक्सी ट्रैकॉन और झुरिया फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल हैं।
नियमों के उल्लंघन का है मामला
आरबीआई ने कहा है कि (पांच) एनबीएफसी के सीओआर को थर्ड पार्टी ऐप के माध्यम से किए गए अपने डिजिटल लेंडिंग ऑपरेशन में आउटसोर्सिंग और उचित व्यवहार संहिता पर आरबीआई के दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण रद्द कर दिया गया है, जिसे सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक माना गया था। इसने आगे कहा कि ये कंपनियां अत्यधिक ब्याज वसूलने से संबंधित मौजूदा नियमों का भी पालन नहीं कर रही थीं और लोन वसूली उद्देश्यों के लिए ग्राहकों का अनुचित उत्पीड़न कर रही थीं।
बैंकों पर सख्ती
इन 5 कंपनियों से पहले आरबीआई कई बैंकों के लाइसेंस कैंसल कर चुका है। हाल ही में इसने बेंगलुरु के शुश्रुति सौहार्द सहकारा बैंक नियमिता पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी थीं। आरबीआई की इन पाबंदियों के तहत यह आदेश भी जारी किया गया है कि अब यह बैंक बिना आरबीआई की मंजूरी के नए लोन नहीं दे सकता। इसके अलावा बैंक के जमाकर्ता भी अपना पूरा पैसा वापस नहीं निकाल सकते हैं। आरबीआई ने साफ किया है कि ग्राहक के खाते में चाहे जितना भी पैसा वह अपने खाते से अधिकतम 5000 रुपये ही निकाल सकता है।
और भी लगी पाबंदियां
इसके साथ ही बैंक ने जमाखाते में जमा पर रोक के अलावा किसी भी लोन के रिन्यूअल पर भी पाबंदी लगाई थीं। इसके अलावा आरबीआई ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी ग्राहक के इस बैंक में एक से ज्यादा खाते हैं, तो भी ग्राहक अपने सभी खाते में से केवल 5000 रुपये ही निकाल सकता है। यह बैंक के ग्राहकों के लिए ज्यादा बड़ा झटका है।


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