नई दिल्ली, जनवरी 26। संसद में बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। यह बजट वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। कुछ साल पहले तक रेलवे का बजट अलग से पेश किया जाता था, लेकिन मोदी सरकार ने रेल बजट को आम बजट में मिला दिया है। ऐसे में अब रेल बजट के साथ ही आम बजट पेश किया जाएगा। इस बार रेल बजट में क्या हो सकता है, आइये इसे जानने की कोशिश करते हैं।
किराये में फेरबल की उम्मीद नहीं
इस बार रेल बजट में रेल किराये को लेकर कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। सूत्रों का कहना है कि यायत्री किराये को बढ़ाने की योजना इस बार नहीं है। इसके अलावा परिचालन में सुधार के लिए माल ढुलाई और यात्री परिवहन आय का इस्तेमाल कर रेलवे अपनी पूंजीगत खर्चों को पूरा कर सकती है। हालांकि अभी तक रेलवे बड़े पैमाने पर सरकारी बजटीय सहायता और अतिरिक्त बजटीय संसाधनों पर निर्भर करती है। उम्मीद है कि सरकार अपना समर्थन रेलवे को बनाए रखेगी।

रेलवे को सामाना की ढुलाई से हुई रिकॉर्ड आय
रेलवे की वित्त वर्ष 2022 में माल ढुलाई से आय 25 फीसदी बढ़ी है। इस बढ़त के साथ रेलवे की यह आमदनी 1.45 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ चुकी है। वहीं यात्रियों से होने वाली आय भी वित्त वर्ष 2022 में बढत दर्ज दिखी है। हालांकि इसके पहले के सालों में कोविड प्रतिबंधों के कारण यह आय काफी गिरी थी।
लेकिन रेलवे ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण रेलवे की परिवहन लागत बढ़ रही है। वहीं अगर ऐसे में माल ढुलाई की दर में वृद्धि की जाती है, तो इसका असर मुद्रास्फीति पर पड़ सकता है। इससे महंगाई और बढ़ेगी। जबकि रेलवे यात्री किराए से होने वाले नुकसान को माल ढुलाई से पूरा करने की कोशिश करता है। इसके चलते भारतीय रेलवे का मामल ढुलाई किराया दुनिया में सबसे ज्यादा है। फिर भी जो हालात हैं, उसमें लगता नहीं है कि रेवले अपना यात्री या माल भाड़ा किराया बढ़ा पाएगी।


Click it and Unblock the Notifications