For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

प्याज नहीं रुलाएगा इस बार, सरकार ने की है मजबूत तैयारी

|

नयी दिल्ली। हर साल के आखिरी हिस्से में प्याज के दाम आसमान छूने लगते हैं। सरकार इसके लिए तैयारियां करती है, मगर उन सब के बावजूद प्याज आम आदमी को खूब रुलाता है। पिछले साल भी प्याज के दाम देश के कई हिस्सों में 200 रु प्रति किलो तक पहुंच गए थे। प्याज के दाम बढ़ने के पीछे असल वजह फसल की बर्बादी या उपज की कमी होती है। इन दोनों चीजों के चलते मंडियों में सप्लाई घट जाती है और कीमतें बढ़ जाती हैं। कहीं ज्यादा बारिश से फसल खराब हो जाती है तो कहीं कम बारिश के चलते फसल अच्छी नहीं होती। पिछले साल भी कुछ ऐसा ही हुआ था। ऐसे समय पर प्याज की कमी को दूर करने के लिए सरकार बफर स्टॉक यानी भंडारण करती है। हालांकि पिछले साल सरकार का भंडारण कम पड़ गया था। लेकिन इस बार सरकार की तैयारी अधिक बेहतर है, जिसके चलते प्याज के दाम बढ़ने की संभावना कम है।

पहले से ज्यादा प्याज जमा
 

पहले से ज्यादा प्याज जमा

भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नाफेड) ने प्याज का एक बड़ा भंडार तैयार किया है। नाफेड ने सरकार की तरफ से सीधे किसानों से मौजूदा रेट पर प्याज खरीदा है। नाफेड ने किसानों से कुल 95,000 टन प्याज खरीदा है। इसके मुकाबले पिछले साल नाफेड ने 2018-19 की रबी फसल में से 57,000 टन प्याज खरीदा था। मगर इसके कम पड़ते ही सरकार को विदेशों से प्याज मंगाना पड़ा था। बता दें कि सरकार का लक्ष्य 1 लाख टन प्याज खरीदने का है। यानी अभी किसानों से और प्याज खरीदी जाएगी।

जल्द पूरा होगा टार्गेट

जल्द पूरा होगा टार्गेट

नाफेड की तरफ अगले 2-4 दिनों में ही 1 लाख टन प्याज खरीदने के लक्ष्य को पूरा किये जाने की संभावना है। एनबीटी की एक रिपोर्ट के अनुसार नाफेड के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक एसके सिंह के मुताबिक बफर स्टॉक के लिए 95,000 टन प्याज खरीदा गया है। 1 लाख टन प्याज खरीदने का टार्गेट अगले दो-तीन दिन में पूरा कर लिया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि प्याज की रबी फसल का भंडारण संभव है। दरअसल रबी फसल का प्याज खरीफ फसल की तुलना में ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रह सकता है।

कहां से हुई है खरीदारी
 

कहां से हुई है खरीदारी

नाफेड ने महाराष्ट्र के किसानों से मौजूदा बाजार रेट पर लगभग 86,000 टन प्याज खरीदा है। सरकार के लिए बफर बनाने के लिए प्याज के स्टॉक की खरीद की गई है। इस बार लक्ष्य महाराष्ट्र से 80,000 टन खरीदने का था और नाफेड ने इससे अधिक प्याज खरीद लिया है। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश से 1 लाख टन खरीदने का लक्ष्य है, जो जल्द ही पूरा होगा।

प्याज : किसानों की हालत खराब, 1 रु प्रति किलो से कम में बेचने को मजबूर

English summary

This time onion will not make you cry government has made a strong preparation

The Indian National Agricultural Cooperative Marketing Federation (NAFED) has prepared a large stock of onions. NAFED has purchased onion directly from the government at the current rate from farmers.
Story first published: Wednesday, August 5, 2020, 18:02 [IST]
Company Search
Thousands of Goodreturn readers receive our evening newsletter.
Have you subscribed?