हाथ से बने फर्नीचर से कमा रहा लाखों रु, जानिए 60 वर्षीय व्यक्ति की कहानी

नई दिल्ली, जून 12। पुराने लोग कहते हैं कि हाथ में हुनर हो तो कमाई के रास्ते खुल ही जाते हैं। मगर आपका हुनर वाकई कमाई कराने वाला होना चाहिए। एक ऐसा ही हुनर वाराणसी के 60 वर्षीय एक व्यक्ति के पास है, जिससे वे हर महीने 1 लाख रु से अधिक कमा रहे हैं। हैरानी यह है कि जिस व्यक्ति की हम बात कर रहे हैं, वो मैकेनिकल इंजीनियर हैं। आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी।

लकड़ी पर डिजाइन

लकड़ी पर डिजाइन

1984 में वाराणसी, उत्तर प्रदेश के संदीप सरन ने मैकेनिकल इंजीनियर में ग्रेजुएशन की। अपने कोर्स के तहत उन्होंने लकड़ी, धातु और अन्य सामग्रियों से चीजें बनाने के लिए अपनी वर्कशॉप से खराद मशीन और अन्य उपकरणों का उपयोग करने के अपना कौशल दिखाया। यहां तक कि उनके दोस्त और सहपाठी भी बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए अपने असाइनमेंट पर काम करने का अनुरोध करते थे।

फैमिली बिजनेस से जुड़ना पड़ा

फैमिली बिजनेस से जुड़ना पड़ा

द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार ग्रेजुशन के बाद संदीप ने शहर में सिंगल स्क्रीन थिएटर के अपने फैमिली बिजनेस में शामिल हो गए। हालांकि उन्होंने शौक के तौर पर लकड़ी के सामान बनाना जारी रखा। उन्होंने बुनियादी उपकरणों का उपयोग करना सीखा, और इसके लिए बिजली की आवश्यकता नहीं थी। उपकरणों से आइटम बनाने में मदद मिली। ये उनकी शुरुआत थी।

क्या-क्या आइटम बनाए

क्या-क्या आइटम बनाए

संदीप ने अपने खाली समय का उपयोग लकड़ी के फ्रेम, पेन होल्डर और अन्य सामान बनाना शुरू कर दिया। आखिरकार, वह अपने लिए एक रॉकिंग चेयर, एक बगीचे की बेंच, एक सेंटर टेबल और अलमारियाँ जैसी बड़ी फर्नीचर वस्तुएं बनाने लगे। जल्द ही कई लोग उनके फर्नीचर के बारे में पूछने लगे। दोस्तों और परिवारों ने उनके फर्नीचर के बारे में पूछना शुरू कर दिया। उन्हें ये जानकर काफी खुशी हुई कि वे यह सब खुद बनाते हैं।

खड़ा किया खुद का बिजनेस

खड़ा किया खुद का बिजनेस

कुछ ही समय बाद उनसे लोग अपनी पसंद की चीजें बनाने के लिए अनुरोध करने लगे। वे सहमत हो गए और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार चीजें बनाने लगे। किसी को लंबी कुर्सी की जरूरत थी, किसी ने छोटी कुर्सी की मांग की, जबकि कुछ ने डेस्क ऑर्गेनाइजर की मांग की। उनकी आवश्यकताओं के अनुसार संदीप ने चीजें बनाई और लकड़ी के उत्पादों को भी शौक के रूप में बनाना जारी रखा।

शुरू किया वॉक-इन होम स्टूडियो

शुरू किया वॉक-इन होम स्टूडियो

लेकिन जल्द ही फर्नीचर ने उनके घर के सभी कमरों में जगह बना ली। चीजों के साथ क्या करना है, यह नहीं जानते हुए, संदीप ने 2017 में वॉक-इन होम स्टूडियो, काठ कागज़ को लॉन्च किया। वे इसमें सभी लकड़ी के उत्पाद अप-साइकिल्ड या बेकार लकड़ी से बनाते हैं। संदीप अपने उत्पादों के लिए सौर ऊर्जा का भी उपयोग करते हैं, जिससे वे पर्यावरण के अनुकूल हो जाते हैं। छोटे पैमाने के कारोबार से उन्हें सालाना 12 लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक की इनकम होती है। संदीप का कहना है कि उनके काम में कोई बड़ी चुनौती नहीं थी क्योंकि यह हमेशा उनका एक शौक था जो समय के साथ डेवलप हुआ। आज के समय में यह उनका बिजनेस वेंचर है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+