नयी दिल्ली। अपने जीवनसाथी (पति या पत्नी) के साथ संयुक्त नाम पर घर खरीदने के कई फायदे हैं। ज्यादा टैक्स बेनेफिट के साथ आपको ब्याज दर और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर छूट मिलती है। हालांकि इसके लिए घर की एक मालिक और लोन लेने वालों में से एक महिला होनी चाहिए। वैसे प्रॉपर्टी पति या पत्नी, माता-पिता या भाई-बहनों के साथ संयुक्त रूप से खरीदी जा सकती है। अधिकतम छह व्यक्ति संयुक्त रूप से किसी प्रॉपर्टी के मालिक हो सकते हैं। हालांकि संयुक्त रूप से मालिकाना हक वाली प्रॉपर्टी और होम लोन पर टैक्स बेनेफिट क्लेम करने के लिए आपको टैक्स नियमों के बारे में पता होना चाहिए। इसके लिए 3 शर्तें हैं। आइए जानते हैं।
आपका सह-मालिक (Co-Owner) होना जरूरी
केवल होम लोन में सह-उधारकर्ता होने से आप होम लोन पर टैक्स बेनेफिट का दावा करने योग्य नहीं होंगे। होम लोन के ब्याज भुगतान और मूल धन चुकाई जाने वाली राशि पर टैक्स बेनेफिट्स लेने के लिए आपको प्रॉपर्टी में सह-मालिक होना भी जरूरी है। बता दें कि स्व-कब्जे (Self-Occupied) वाली हाउस प्रॉपर्टी के लिए जॉइंट होम लोन के मामले में प्रत्येक मालिक ब्याज भुगतान पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती का दावा कर सकता है। कुल ब्याज उनके स्वामित्व के हिस्से के आधार पर उनके बीच आवंटित किया जाता है। यदि कोई प्रतिशत हिस्सेदारी तय न हो तो ईएमआई के ब्याज को समान रूप से विभाजित किया जाता है और उनमें से प्रत्येक अपने रिटर्न में अधिकतम 2 लाख रुपये तक का दावा कर सकता है।
आपका सह-उधारकर्ता होना जरूरी
घर का सह-मालिक होने के अलावा आपका लोन पर टैक्स बेनेफिट का क्लेम करने का पात्र होने के लिए होम लोन में सह-उधारकर्ता भी होना जरूरी है। यदि आप एक मालिक हैं लेकिन उधारकर्ता नहीं हैं और ईएमआई में योगदान नहीं करते हैं तो आपको टैक्स बेनेफिट नहीं मिलेगा।
प्रॉपर्टी का निर्माण पूरा होना चाहिए
तीसरी शर्त संपत्ति का निर्माण पूरा होना है। आप उस वित्त वर्ष से टैक्स बेनेफिट का क्लेम कर सकते हैं जिसमें संपत्ति का निर्माण पूरा हो गया हो। निर्माण के दौरान आपने जिस ब्याज का भुगतान किया है उसका उस वर्ष से शुरू होने वाली पांच समान किश्तों में क्लेम किया जा सकता है जिसमें निर्माण पूरा हो गया है।
इस बात का रखें ध्यान
ध्यान देने वाली बात यह है कि संयुक्त मालिक भुगतान किए गए ब्याज या मूलधन की समान राशि पर टैक्स बेनेफिट दावा नहीं कर सकते। उदाहरण के लिए यदि किसी विशेष वित्तीय वर्ष में होम लोन पर दिया जाने वाला ब्याज 1.90 लाख रुपये है और चुकाई जाने वाली राशि 50,000 रुपये है तो दोनों अपने स्वामित्व रेशियो के अनुसार राशि को विभाजित कर सकते हैं और उन पर अलग से टैक्स बेनेफिट का दावा कर सकते हैं। लेकिन दोनों कर्जदार अलग-अलग पूरे 1.90 लाख रुपये पर टैक्स बेनेफिट का दावा नहीं कर सकते। यदि एक उधारकर्ता पूरी राशि पर टैक्स क्लेम करना चाहता है तो उसे अन्य सह-उधारकर्ताओं से यह कहते हुए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करना होगा कि वे विशिष्ट राशि पर कोई टैक्स बेनेफिट का क्लेम नहीं करेंगे।
रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प ड्यूटी
मूल और ब्याज के अलावा रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी के लिए भुगतान की गई राशि भी धारा 80 सी के तहत टैक्स कटौती के पात्र है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि इन खर्चों पर उसी वर्ष में क्लेम किया जाए जिसमें ये किये गये हैं।
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