नयी दिल्ली। त्योहारी सीजन आ गया है और कुछ दिनों बाद देश का सबसे बड़ा त्योहार दिवाली मनाया जाएगा। मगर ये दिवाली कुछ खास होगी। हर साल दिवाली पर चीन में बनी लाइटें जगमगाती हैं। इससे कारोबार के मामले में चीन को बहुत फायदा होता है। मगर इस साल स्पेशल दीये आपके घर को जगमगाएंगे। इस साल आपको मार्केट में गाय के गोबर से बने दीये खरीदने को मिलेंगे। अच्छी बात ये है कि ये दीये पर्यावरण के लिए अनुकूल होंगे। इन दीयों की सेल होगी तो चीन के सामान की मांग कम होगी।
अयोध्या में जलेंगे 3 लाख दीये
आपको बता दें कि राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) ने दिवाली के खास मौके पर चीनी उत्पादों से टक्कर करने के लिए गाय से गोबर से तैयार दीयों की पेशकश की है। आरकेए के अध्यक्ष वल्लभभाई कथीरिया ने इन खास दीयों को मार्केट में पेश करने के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इनमें से 3 लाख दीये अयोध्या में जलाए जाएंगे, जबकि 1 लाख दीये पीएम मोदी के सासंदीय क्षेत्र वाराणसी में जगमगाएंगे। मालूम हो कि आरकेए का उद्देश्य गायों का संरक्षण और विकास है। ये मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आता है। इसकी शुरुआत 6 फरवरी 2019 को हुई थी। बजट 2020 में इसका ऐलान हुआ था।
वोकल फॉर लोकल
गाय के गोबर से बने दीयों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से दिए गए वोकल फॉर लोकल मंत्र से खास कनेक्शन है। इन दीयों को प्रमोट करने के पीछे स्वदेशी चीजों को आगे बढ़ाना है। बता दें कि दिवाली के मौके पर चीन के ढेरों आइटम मार्केट में उपलब्ध होते हैं। इन दीयों को बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। 33 करोड़ दीयों को बाजार में बिक्री के लिए रखे जाने का लक्ष्य है। इस समय देश में रोज लगभग 192 करोड़ किलो गोबर का प्रोडक्शन होता है।
ये चीजें भी हो रहीं तैयार
गाय के गोबर से दीयों के अलावा और भी उत्पाद बनाए जा रहे हैं। मगर यह डायरेक्ट गोबर से बने उत्पादों के प्रोडक्शन का हिस्सा नहीं है, मगर कोई ये कारोबार करना चाहे तो इसके लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। दीयों के अलावा पेपर वेट, गणेश जी और लक्ष्मी जी की मूर्तियां, अगरबत्ती, मोमबत्तियों और अन्य चीजों का उत्पादन भी किया जा रहा है।
गौशालाओं से रोजगार और कारोबार को बढ़ावा
आरकेए के अध्यक्ष ने बताया कि इस इन उत्पादों के जरिए गौशालाओं को तो मदद मिलेगी ही, साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। दूसरी बात कि यदि कोई छोटा कारोबार करना चाहे तो इन उत्पादों से पैसा कमा सकता है। किसान, गौशाला संभालने वाले और उद्यमी इस पहल का हिस्सा बनें इसके लिए आरकेए की तरफ से वेबिनार हो रहे हैं। इन छोटे उद्योगों से जुड़े लोग आत्मनिर्भर बनेंगे। खास कर ग्रामीण इलाकों में लोगों को काफी आर्थिक राहत मिल सकती है।
More From GoodReturns

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, NSE-BSE की छुट्टी से ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

GST कलेक्शन का धमाका: ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा, इन सेक्टर्स में मचेगी हलचल!

ऑटो सेल्स डेटा: मारुति-टाटा की रफ्तार पर टिकी नजर, आज इन शेयरों में दिखेगी बड़ी हलचल

MSCI रीबैलेंसिंग आज: नए शेयरों की दौड़ में फंसें या SIP का अनुशासन अपनाएं?

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका



Click it and Unblock the Notifications
