नई दिल्ली, सितंबर 07। फाइजर ने मंगलवार को घोषणा की कि इसके बोर्ड ने 31 मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए 30 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम विशेष लाभांश (इंटरिम स्पेशल डिविडेंड) घोषित कर दिया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने 6 सितंबर 2022 को हुई अपनी बैठक में 31 मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए 30 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (300%) के अंतरिम (विशेष) लाभांश की घोषणा की है। इतना लाभांश देने का ऐलान मिलान फार्मास्यूटिकल्स को अपजॉन बिजनेस की बिक्री के मद्देनजर लिया गया है।
कितना होगा मुनाफा
30 रु प्रति शेयर के लाभांश का मतलब है कि आपको हर शेयर पर बैठे बैठे 30 रु की कमाई ऐसे हो हो जाएगी। यदि आप फाइजर के 1000 शेयर खरीद लें तो आपको 30000 रु का फायदा बिना कुछ किए कुछ ही दिन में हो जाएगा।
क्या है रिकॉर्ड डेट
इस लाभांश के लिए कंपनी ने रिकॉर्ड तिथि मंगलवार, 20 सितंबर 2022 निर्धारित की है और लाभांश का भुगतान शुक्रवार, 30 सितंबर 2022 को या उससे पहले किया जाएगा।
क्या होती है रिकॉर्ड डेट
डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का मतलब है कि उस दिन ये शेयर एक्स-डिविडेंड हो जाएगा। तब तक इसमें निवेश करने वालों को डिविडेंड मिलेगा। उसके बाद कंपनी के शेयर खरीदने वालों को डिविडेंड नहीं मिलेगा। उस दिन तक आपके पास शेयर होने जरूरी हैं।
दूसरा फायदा होगा ऐसे
इस समय फाइजर का शेयर 4339 रु पर है। मगर आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इसके लिए टार्गेट प्राइस रखा है 5372 रु। यानी ये शेयर 5372 रु तक जा सकता है। अगर आप इसे मौजूदा स्तरों पर खरीदें तो आराम से करीब 24 फीसदी रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। यानी डिविडेंड के अलावा आपको शेयर के रिटर्न से भी फायदा होगा।
क्या है कंपनी की बिजनेस
फाइजर एक शोध-आधारित वैश्विक बायोफर्मासिटिकल कंपनी है जो हेल्थकेयर उत्पादों की खोज, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग में लगी हुई है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शुद्ध लाभ में 83.7% की गिरावट के साथ 32.55 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल समान तिमाही में इसे 199.91 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। 30 जून 2022 को समाप्त तिमाही में इसकी इनकम 20.9% घटकर 592.90 करोड़ रुपये रह गयी।
कितनी है मार्केट कैपिटल
कंपनी की मार्केट कैपिटल इस समय 19,849.94 करोड़ रु है। इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 6164.80 रु और निचला स्तर 4056 रु रहा है। ध्यान रहे कि गिरते शेयर बाजार में यह एक सामान्य ट्रेंड है क्योंकि लोगों की भावनाएं उनके फैसले पर हावी हो जाती हैं। अगर आपके पास मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक हैं, तो आपका घबराना गलत है। इसके अलावा, पैनिक सेलिंग कम कीमत पर बेचने का मामला है। इससे कम स्तर पर बिकवाली करके पोर्टफोलियो में आपका घाटा बढ़ जाता है। आम तौर पर हर गिरावट पर शेयरों को खरीदने की कीमत को औसत करने का चांस होती है। लेकिन स्टॉक की बेसिक ताकत को जाने बिना ऐसा करने से आपको पोर्टफोलियो में अधिक नुकसान होगा। गिरते हुए चाकू को पकड़ने से बचना हमेशा बेहतर होता है, और ऐसी घटनाओं के कारणों का मूल्यांकन करने के लिए रुकें।
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