नई दिल्ली, मई 26। तिमाही नतीजों के साथ-साथ कंपनियां बोनस शेयर जारी करने के साथ-साथ स्टॉक स्प्लिट की घोषणा को भी ध्यान में रख रही हैं। इसी तरह एक कंपनी ने बोनस शेयर देने का ऐलान किया है। इसके लिए कंपनी अपने शेयरहोल्डर से मंजूरी लेगी। इसके बाद मौजूदा शेयरों को बोनस शेयर के रूप में फ्री में शेयर देगी। आगे जानिए पूरी डिटेल।
जीएमएम पीफॉडलर
ग्लास-लाइन वाले उपकरण, स्टोरेज वेसल्स और मिश्र धातु इस्पात उपकरणों के निर्माण में लगी हुई इस स्मॉल कैप कंपनी ने बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की। कंपनी ने एक फाइलिंग में कहा प्रत्येक 1 मौजूदा इक्विटी शेयर के लिए 2 नए इक्विटी शेयरों के अनुपात में बोनस इक्विटी शेयर जारी करने पर विचार किया और सिफारिश की। इसके लिए शेयरधारकों द्वारा मंजूरी मिलना बाकी है।
बोनस शेयर का मतलब जानिए
होता है यह है कि कोई कंपनी अपने शेयरधारकों को फायदा पहुंचाने के लिए उन्हें बोनस शेयर जारी करती है। इसके लिए शेयरधारकों को कुछ भी भुगतान नहीं करना होता। उन्हें बोनस शेयर फ्री में मिलते हैं। कंपनी दो चीजें तय करती है। पहली रिकॉर्ड डेट। रिकॉर्ड डेट पर जिस जिस के पास उस कंपनी के शेयर होते उन सबको बोनस शेयर मिलते हैं। दूसरी चीज रेशियो। कंपनी एक रेशियो में बोनस शेयर देती है। जैसे कि जीएमएम पीफॉडलर प्रत्येक 1 मौजूदा इक्विटी शेयर के लिए 2 नए इक्विटी शेयर बोनस शेयर के रूप में फ्री में देगी।
कैसे मिलते हैं शेयर
जीएमएम पीफॉडलर के मामले में बोनस शेयर उन शेयरधारकों के डीमैट खाते में क्रेडिट किए जाएंगे, जिनके पास रिकॉर्ड तिथि यानी 12 जुलाई, 2022 को इक्विटी शेयर हों। बोनस इक्विटी शेयरों का क्रेडिट तारीख से 60 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। यानी बोर्ड की मंजूरी यानी 23 जुलाई, 2022 से 60 दिनों के अंदर।
शेयरों का स्प्लिट
चंद्रप्रभु इंटरनेशनल अपने शेयरों का विभाजन या उन्हें स्प्लिट करने जा रही है। कंपनी ने फाइलिंग में उल्लेख किया है कि कंपनी के इक्विटी शेयरों के सब-डिविजन का प्रस्ताव मौजूदा 10 रु की फेस वैल्यू से प्रति इक्विटी शेयर से 2 रुपये के अनुसार है। यानी ये हर 10 रु की फेस वैल्यू वाले एक शेयर को 2 रु की फेस वैल्यू वाले 5 इक्विटी शेयरों में स्प्लिट करेगी।
शेयरहोल्डरों पर क्या पड़ेगा असर
कंपनी उच्च फ्लोटिंग स्टॉक वाले इक्विटी शेयरों की तरलता में सुधार करने और शेयरों को निवेशकों के लिए अधिक किफायती बनाएगी है। यह एक मल्टीबैगर शेयर है जिसमें 1 साल का रिटर्न 472 फीसदी से अधिक है। अकसर जब किसी शेयर की कीमत काफी बढ़ जाती है तो कंपनी उसकी वैल्यू को निवेशकों के लिए किफायती बनाने के लिए उसे स्प्लिट कर देती है। इससे कंपनी की फेस वैल्यू के साथ साथ उसकी मार्केट वैल्यू भी विभाजित हो जाती है। हालांकि ध्यान रहे कि इन शेयरों के लिए बोनस और स्टॉक स्प्लिट के बारे में सूचित किया गया है, न कि इनमें खरीदारी की कोई सलाह दी जा रही है। वैसे भी शेयर खरीदने के लिए कंपनी की प्रोफाइल और बाकी कई चीजें देखना जरूरी है। इसलिए यदि आप इनमें से किसी कंपनी में निवेश करते हैं तो पहले अच्छे से रिसर्च कर लें।
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