नयी दिल्ली। बीमा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर आयी है। दरअसल 1 अप्रैल से आपका थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ सकता है। यदि बीमा विनियामक संस्था आईआरडीएआई (बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण) ने एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसके लागू होने से कारों और दोपहिया वाहनों दोनों के लिए तीसरे पक्ष के बीमा में बढ़ोतरी होगी। मोटर वाहन बीमा से जुड़ा नया नियम वित्त वर्ष 2020-21 यानी एक अप्रैल से लागू हो सकता है। जानकार मानते हैं कि इससे मिडिल क्लास वर्ग की जेब पर अधिक भार पड़ेगा। जानकारी के लिए बता दें कि आईआरडीएआई 2011 से ही हर साल ही थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के प्रीमियम में बदलाव करता रहा है। नये प्रीमियम को लेकर अप्रैल के पहले हफ्ते में अधिसूचना जारी की जा सकती है।
कितना बढ़ेगा प्रीमियम
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार 1000 सीसी तक इंजन क्षमता वाली हैचबैक कारों और 1000-1500 सीसी इंजन क्षमता वाली सेडान के लिए आईआरडीएआई ने 5 फीसदी बीमा प्रीमियम की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जिससे इन दोनों कैटेगरी के वाहन वालों को क्रमशः 2,182 रुपये और 3,383 रुपये का बढ़ा हुआ प्रीमियम देना होगा। हालांकि 1500 सीसी से अधिक क्षमता वाली एसयूवी के लिए रेट को 7890 रुपये पर ही बरकरार रखा जायेगा।
बहु-वर्षीय पॉलिसी में 15 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव
1000 सीसी से कम इंजन क्षमता वाले वाहनों के लिए बहु-वर्षीय पॉलिसी के मामले में बीमा प्रीमियम में 15 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया है, जिससे इस सेगमेंट के लिए प्रीमियम की रकम 6079 रुपये हो जायेगी। इसी तरह 5 साल की पॉलिसी के लिए प्रीमियम बढ़ोतरी 15 फीसदी ही होगी, जिससे 75 सीसी इंजन से कम क्षमता वाले वाहनों के लिए प्रीमियम 1233 रुपये और 75 से 150 सीसी इंजन वाले वाहनों के लिए 3845 रुपये हो जायेगा। बाइक के मामले में प्रीमियम 19 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 6,505 रुपये हो जायेगा। हालांकि हाई-एंड बाइक (350 सीसी से ऊपर) के लिए 13,034 रुपये प्रीमियम ही बरकरार रखा जायेगा।
हाई-एंड कारों के लिए 6.5 फीसदी बढ़ोतरी
1000 से 1500 सीसी की सीमा में इंजन क्षमता वाली हाई-एंड कारों के लिए बीमा प्रीमियम में 6.5 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं लक्जरी कारों के लिए 24,305 रुपये के प्रीमियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के दो भाग होते हैं। इनमें थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और ऑन डैमेज इंश्योरेंस शामिल है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार किसी भी वाहन के रोड पर आने से पहले उसका थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कवर होना जरूरी है। यहां बता दें कि आईआरडीएआई सिर्फ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का प्रीमियम तय करता है। ऑन डैमेज प्रीमियम अलग-अलग इंश्योरेंस कंपनियों का अलग हो सकता है।
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