Mahatma Gandhi की जयंती हर वर्ष 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। उन्हें हम सभी अहिंसा के मार्ग से भारत की आजादी में योगदान के लिए जानते हैं लेकिन क्या आप जानते है कि महात्मा गांधी की नसीहतों में निवेश के मंत्र भी छुपे हुए हैं अगर नहीं तो फिर आइए जानते हैं कि गांधीजी के विचार कैसे हमें निवेश से जुड़े निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं।

हमेशा फ्यूचर को देखते हुए कदम उठाएं
गांधीजी की एक काफी प्रसिद्ध सीख है कि आज जो आप करते है, आपका फ्यूचर उसी से तय होता है। इससे एक निवेशक यह सीख सकता है कि हमें अपना फ्यूचर को बेहतर बनाने के लिए आज ही सही फैसले लेने होंगे।
कई बार लोग अपनी निवेश योजना को कल पर टालते रहे है और वे अपनी वेतन को यू ही खर्च कर देते हैं। अगर फ्यूचर में एक बेहतर फंड तैयार करना है तो फिर सही वक्त पर निवेश शुरू करना होता है।
रिटर्न और रिस्क में बनाएं बैलेंस
गांधी कहते है कि सिर्फ दौड़ते जाने के अलावा भी जीवन में काफी कुछ है। इससे निवेशक काफी कुछ सीख सकते है। कई बार निवेशक शेयर मार्केट के लुभावने लालच में आ जाते हैं और वे इस शेयर के पीछे भागने लगते है।
हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे लुभावने वादों में काफी अधिक रिस्क होता है। कई बार ये रिस्क आपको बर्बाद भी कर सकता है। इसी वजह से एक निवेशक को रिटर्न और रिस्क में बैलेंस बनाकर रखना चाहिए।
ज्यादा लालच ठीक नहीं
महात्मा गांधी ने कहा है कि हर किसी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दुनिया काफी है, लेकिन अधिक लालच को पूरा करने के लिए नहीं। शेयर बाजार के साथ भी कुछ ऐसा ही है। आप शेयर मार्केट से एक बेहतर रिटर्न पा सकते हैं लेकिन हर एक शेयर मल्टीबैगर नहीं हो सकता है।
इसलिए शेयर मार्केट में हमें हमेशा एक उचित टार्गेट के साथ निवेश करना चाहिए। बेहतर मुनाफा होने पर इसे बुक भी करना चाहिए। कई बार निवेशक अधिक लालच पर आकर अपना बना बनाया मुनाफा भी गवा देते है। इसलिए अधिक लालच नहीं करना चाहिए।


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