नयी दिल्ली। पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएँ कम जोखिम, आसान उपलब्धता और बेहतर रिटर्न के लिहाज लिहाज से निवेश के लिए काफी पसंद की जाती हैं। गारंटीड रिटर्न के अलावा कुछ बचत योजनाएं ऐसी भी हैं जिन पर जमाकर्ताओं को आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स बेनेफिट मिलता है। यानी पोस्ट ऑफिस की कई बचत योजनाओं में निवेश पर जोखिम-मुक्त रिटर्न के साथ आप टैक्स बचा सकते हैं। अगर आपका इरादा पोस्ट ऑफिस की इन योजनाओं में निवेश करने का है तो 1 जनवरी से पहले ही करें। असल में पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दर की हर तिमाही की शुरुआत में समीक्षा होती है। 1 जनवरी से पोस्ट ऑफिस स्कीमों के लिए नयी ब्याज दर लागू हो सकती है। यदि ब्याज दरें कम की गईं तो आपको नुकसान होगा। आइए जानते हैं कि पोस्ट ऑफिस की उन 5 योजनाओं के बारे में जिन पर बेहतर रिटर्न के साथ आप टैक्स बचा सकते हैं।
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट
गारंटीड ब्याज दर हासिल करने के लिए आप किसी भी बैंक शाखा और पोस्ट ऑफिस में कैश डिपॉजिट के माध्यम से बचत खाता खोल सकते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80 टीटीए के तहत किसी वित्त वर्ष में सभी बचत बैंक खातों से प्राप्त 10,000 रु तक के ब्याज को टैक्सेबल इनकम से छूट दी जाती है। पोस्ट ऑफिस बचत खाते में चेक और नॉन-चेक सुविधा वाले अकाउंट के लिए मिनिमम बैलेंस राशि अलग-अलग है। नॉन-चेक के मामले में यह 50 रुपये है, जबकि चेक सुविधा खाते के लिए यह 500 रुपये है।
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट
यह सबसे अधिक टैक्स छूट वाली पोस्ट ऑफिस योजनाओं में से एक है। 1, 2, 3, और 5 सालों की अलग-अलग मैच्योरिटी अवधि के साथ यह योजना किसी बैंक एफडी की तरह है। इसमें न्यूनतम जमा राशि 1000 रु है, जबकि अधिकतम कोई लिमिट तय नहीं की गई है। हालांकि टैक्स बेनेफिट 1.5 लाख रुपये तक सीमित है। बता दें कि आप पोस्ट ऑफिस की इस योजना के तहत जमा किए गए पैसे पहले 6 महीनों में नहीं निकाल सकते।
सीनियर सिटीजेन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस)
60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति एससीएसएस के लिए योग्य हैं। 55 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या वीआरएस ले चुके हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र हैं। एक व्यक्ति कई खाते खोल सकता है, लेकिन कुल राशि 15 लाख रुपये की सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह योजना 5 वर्ष की मैच्योरिटी अवधि के साथ आती है। इस टैक्स सेविंग स्कीम को मैच्योरिटी के बाद 3 साल की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है।
पीपीएफ
कोई अपने नाम से ही पीपीएफ खाता खोल सकता है। इसमें संयुक्त खाते का विकल्प नहीं है। इसमें नॉमिनी सुविधा मौजूदा है। आप अपना खाता एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे में भी ट्रांसफर कर सकते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत इस योजना के तहत की गई जमाओं पर टैक्स से छूट मिलती है। प्राप्त ब्याज भी पूरी तरह से कर टैक्स फ्री होता है।
सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना पर भी 80 सी के तहत टैक्स बेनेफिट मिलता है। यह अकाउंट एक कानूनी अभिभावक द्वारा किसी लड़की के लिए खोला जा सकता है। योजना के तहत एक लड़की के लिए एक और परिवार परिवार में केवल दो खातों की अनुमति है। इस पोस्ट ऑफिस टैक्स सेविंग स्कीम के तहत आप जो पैसा जमा करते हैं उस पर सेक्शन 80सी के अनुसार टैक्स बेनेफिट मिलता है। पोस्ट ऑफिस टैक्स बचत योजनाएं ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के निवेशकों के लिए बढ़िया हैं, जो जोखिम वाले निवेश ऑप्शन से बचना चाहते हैं।


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