नई दिल्ली। करोड़ों किसानों का फायदा देने वाली मोदी सरकार की स्कीम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी पीएम किसान का फायदा करीब 4 करोड़ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। मोदी सरकार ने अब किसानों को इसका कारण बताने का अभियान शुरू किया है। इसके तहत सरकार किसानों की तरफ दिए मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेज रही है। इसमें वह कारण बता रही है कि आखिर किसान को क्यों पीएम किसान योजना का पैसा नहीं दिया जा पा रहा है। मोदी सरकार पीएम किसान योजना को एक साल पूरा हो चुका है। जब इसे लांच किया गया था, तो बताया गया था कि देश के करीब 14.5 करोड़ किसानों को इसका लाभ मिलेगा। लेकिल अभी तक इस योजना का लाभ केवल 8.62 करोड़ किसानों को ही मिला है। यानी करीब 4 करोड़ किसान इस योजना के लाभ से वंचित हैं। पीएम किसान योजना के तहत मोदी सरकार पीएम किसान योजना के हर पात्र किसान को साल में 6000 रुपये देती है। यह पैसा साल में 3 किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दिया जाता है।
-आइये जानते हैं कि क्यों नहीं मिल रहा है पात्र किसानों को भी पैसा
मोदी सरकार ने बताए ये कारण
मोदी सरकार ने पीएम किसान से जुड़े किसानों को एसएमएस भेजना शुरू किया है। यह एसएमएस उन किसानों को भेजा जा रहा है, जिनको मामूली गलतियों के कारण से पीएम किसान योजना का पैसा नहीं मिल पा रहा है।
देखें क्या लिखा है एसएमएस में
प्रिय आवेदक, आपकी अगस्त से नवंबर 2019 की किस्त को आपके आवेदन एवं आधार में उपलब्ध नाम में विसंगति होने के कारण वितरित नहीं किया जा सका है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की पीएम-किसान टीम की ओर से कुछ किसानों को ऐसा एमएमएस मिला है। यही कारण है कि काफी ज्यादा किसानों को पीएम किसान योजना की तीसरी किस्त का पैसा नहीं मिल पाया है, जबकि उनको पहले की 2 किस्तों का पैसा मिला था।
ऐसा क्यों हुआ है पीएम किसान की तीसरी किस्त में
पीएम किसान की अब किस्त उन्हीं किसानों को मिल रही है, जिन्होंने अपना आधार अपडेट करा दिया है। पीएम किसान स्कीम का पैसा पाने के लिए आधार को अपडेट कराना जरूरी कर दिया गया है। लेकिन अभी भी देश में करोड़ों किसानों के आधार में दी जानकारी और बैंक में दी जानकारी अंतर है। यही कारण है कि आधार देने के बाद भी किसानों का पैसा नहीं मिल पा रहा है। इसमें डॉक्युमेंट में नाम की गड़बड़ी, आधार और बैंक खाते में नाम एक जैसा नहीं होना, जैसी बातें शामिल हैं।
ऐसी गड़बड़ी तुरंत करें ठीक
किसानों के विवरण में अगर ऐसी गड़बड़ियां हैं, तो उनको तुरंत ही ठीक करा लेना चाहिए। किसान जैसे ही यह गड़बिड़यां ठीक करा लेंगे, उनको पैसा मिलना शुरू हो जाएगा। हालांकि कृषि मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अगर किसान इस स्कीम के लिए पात्र है तो उसे पूरा 6000 रुपया दिया जाएगा, चाहे वह बाद में ही क्यों न अपने दस्तावेज सही कराए। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 8,62,51,818 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम का पैसा मिल चुका है। इसमें चौथी किश्त भी शामिल है। जबकि देश में अनुमान है कि 14.5 करोड़ किसान परिवार हैं।


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