इन 5 अमीर कारोबारियों का भी हुआ Anil Ambani जैसा हाल, हैरान कर देंगे नाम

नयी दिल्ली। अनिल अंबानी की गिनती एक समय दुनिया के टॉप कारोबारियों में होती थी। मगर अब वे कंगाली की कगार पर है। उन्होंने खुद ब्रिटेन की एक अदालत में खुद बताया कि उनके पास वकील की फीस की पेमेंट करने के लिए भी पैसे नहीं हैं। वह अपने कीमती गहने बेच रहे हैं और फीस चुका रहे हैं। हालांकि अर्श से फर्श पर आने वाले अनिल अंबानी देश के इकलौते अमीर कारोबारी नहीं हैं। इससे पहले कैफे कॉफी डे के संस्थापक वी.जी. सिद्धार्थ, जेट एयरवेज के संस्थापक और पूर्व सीईओ नरेश गोयल, यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह भी इसी कैटेगरी में आते हैं। आइए एक नजर डालते हैं इन कारोबारियों की कहानी पर।

अनिल अंबानी

अनिल अंबानी

अनिल अंबानी आज से लगभग 15 वर्षों तक देश के टॉप 10 कारोबारियों में शामिल रहे। दोनों भाइयों मुकेश और अनिल अंबानी 2005 में अपने पिता से विरासत में मिली संपत्ति के लगभग बराबर के वारिस थे। 2007 में अनिल की 45 अरब डॉलर और मुकेश अंबानी की संपत्ति लगभग 49 अरब डॉलर थी। 2008 में फोर्ब्स की लिस्ट में 42 अरब डॉलर के साथ अनिल अंबानी दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति थे। मगर 2017 के बाद उनका बुरा वक्त शुरू हुआ। 2018 में आरकॉम बंद हुई। मई 2019 में रिलायंस कैपिटल ने अपने म्यूचुअल फंड कारोबार को बेच दिया। 2020 में रिलायंस पावर 685 करोड़ रुपये का लोन चुकाने में चूक गई। वहीं रिलायंस इंफ्रा पर 148 अरब रुपये का कर्ज था। इसी तरह उनकी अन्य कंपनी घाटे के कारण दिवालिया हो गई और अब मौजूदा हालात सबके सामने है।

कॉफी किंग 'वीजी सिद्धार्थ'

कॉफी किंग 'वीजी सिद्धार्थ'

कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ को कौन भूल सकता है। भारत के सफल व्यवसायियों में से एक वीजी सिद्धार्थ ने 5 लाख रुपये से अपना सफर शुरू किया था और एक समय वे 1 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति के मालिक बन गए थे। हालांकि बाद में वह कर्ज के जाल में फंस गए और आत्महत्या कर ली। अपने आत्महत्या पत्र में उन्होंने उधारदाताओं की तरफ से दबाव और आयकर अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न के बारे में बताया था।

नरेश गोयल

नरेश गोयल

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल को कभी एविएशन किंग कहा जाता था। गोयल ने 1991 में जेट एयरवेज की शुरुआत की। तब तक यह कंपनी विमानन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ी। हालांकि बाद में नरेश गोयल के गलत फैसले ने कंपनी को भारी कर्ज में डाल दिया। असल में गोयल ने 2007 में जेट को विदेशी उड़ान भरने वाली एकमात्र कंपनी बनाने के लिए एयर सहारा को 1,450 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसी फैसले को गलत माना जाता है। क्योंकि तभी से कंपनी कभी भी वित्तीय दिक्कतों से बाहर नहीं आ सकी। जेट एयरवेज पर 26 बैंकों का लगभग 8,500 करोड़ रुपये का कर्ज था और इसी के दबाव में नरेश गोयल को मार्च में कंपनी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देना पड़ा। अब भी ईडी इस मामले की जांच कर रहा है।

राणा कपूर

राणा कपूर

ईडी ने हाल ही में यस बैंक के को-प्रमोटर राणा कपूर का लंदन में 127 करोड़ रुपये का जब्त किया था। ईडी ने पहले मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पीएमएलए के तहत राणा कपूर की 2203 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्की की थी। राणा कपूर को केंद्रीय जांच एजेंसी ने मार्च में गिरफ्तार किया था। वह इस समय जेल में है। 1979 में एमबीए करते हुए ही राणा ने अपना करियर अमेरिका के सिटी बैंक में एक ट्रेनी के रूप में शुरू किया था। राणा कपूर पर व्यक्तिगत संबंधों को ध्यान में रखते हुए लोन देने का आरोप है। यस बैंक ने अनिल अंबानी समूह, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, एस्सेल ग्रुप, रेडियस डेवलपर्स और मन्त्री ग्रुप जैसे समूहों को लोन दिया।

मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह

मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह

दिग्गज दवा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर मलविंदर और शिविंदर सिंह बंधुओ को जापानी कंपनी दाइची सैंक्यो मामले में अवमानना का दोषी पाए जाने के बाद 2019 में जेल भेज दिया गया था। दवा निर्माता कंपनी दाईची सांक्यो ने सिंह बंधुओं के खिलाफ 3,500 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। मगर इससे पहले एक समय 2015 में फोर्ब्स ने उन्हें भारत के सबसे अमीरों की सूची में 35वें स्थान पर रखा था। उनकी संपत्ति तब 2.5 अरब डॉलर आंकी गई थी।

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