नयी दिल्ली। पिछले 5 वर्षों में म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम एसआईपी निवेशकों को बड़े पैमाने पर कम रिटर्न मिला है। वैसे इसकी असल वजह कोरोनावायरस है, जिसने कुछ ही समय में शेयर बाजार को तहस-नहस कर दिया था, जिससे इक्विटी स्कीम के रिटर्न में भारी गिरावट आई। बल्कि कुछ स्कीम के रिटर्न तो निगेटिव हो गए थे। यहां आपको म्यूचुअल फंड में एसआईपी न करने या रोकने की सलाह नहीं दी जा रही। बल्कि कुछ ऐसे ऑप्शन के बारे में जानकारी दी जा रही है जिनमें आप एसआईपी की ही तरह हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश कर सकते हैं। इन ऑप्शंस में आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
बजाज फाइनेंस सिस्टेमेटिक डिपॉजिट प्लान
बजाज फाइनेंस सिस्टेमेटिक डिपॉजिट प्लान में आपको बैंक आवर्ती जमा (Recurring Deposit) या पोस्ट ऑफिस आवर्ती जमा की तुलना में काफी अधिक ब्याज मिल सकता है। इस समय आपको यहां 7 फीसदी के करीब ब्याज मिल सकता है, जो कई अन्य विकल्पों की तुलना में बहुत अधिक होगा। निवेशकों के पास 1 साल से लेकर 5 साल तक की आवर्ती जमा चुनने का ऑप्शन होता है। आप डिपॉजिट के लिए एक तारीख भी चुन सकते हैं, लेकिन एक बार ऐसी तारीख चुनने के बाद, आप उसे बदल नहीं सकते। किसी भी इमरजेंसी में आप अपना पैसा वापस ले सकते हैं। हालांकि ये भी तीन महीने बाद ही किया जा सकता है। बाकी सुरक्षा के लिहाज से बजाज फाइनेंस के डिपॉजिट्स को AAA रेटिंग मिली है।
पोस्ट ऑफिस आवर्ती जमा खाता
पोस्ट ऑफिस आवर्ती जमा में आपको सालाना कम्पाउंडेड 5.8 प्रतिशत की ब्याज मिलता है। यहां आपको बैंक आवर्ती जमा के मुकबाले अधिक ब्याज मिलता है। ये खाता खोलने के लिए आपको पोस्ट ऑफिस जाना होगा। पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट अकाउंट को आप एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे में ट्रांसफर कर सकते हैं। इस डिपॉजिट की अवधि 5 साल होती है, हालांकि आप तीन साल की अवधि के बाद भी खाता बंद कर सकते हैं। इस ऑप्शन में रिटर्न से ज्यादा बेहतर चीज है सुरक्षा। आपका पैसा और रिटर्न दोनों सुरक्षित रहते हैं। मगर म्यूचुअल फंड एसआईपी के मामले में रिटर्न की गारंटी नहीं होती। हालांकि वे बैंक और पोस्ट ऑफिस की तुलना में अधिक रिटर्न दे सकते हैं।
बैंक आवर्ती जमा
यहां भी आप म्यूचुअल फंड एसआईपी की तरह हर महीने छोटी राशि जमा कर सकते हैं। हालांकि फिलहाल बैंकों की आवर्ती जमाओं पर ब्याज दरें कम हैं, लेकिन पोस्ट ऑफिस की ही तरह आपकी पूंजी संरक्षित और रिटर्न सुनिश्चित है। अलग-अलग बैंकों में ब्याज दरें भिन्न हो सकती हैं और पोस्ट ऑफिस की आवर्ती जमा की तुलना में कम भी हो सकती हैं। इसलिए सभी ऑप्शंस पर ध्यान देकर ही निवेश की शुरुआत करें। एक खास बेनेफिट यहां आपको ये मिलेगा कि आप जब चाहें तब खाता बंद कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस की आवर्ती जमा उलट बैंक आवर्ती जमा के लिए आप ऑनलाइन भी खाता खोल सकते हैं।
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