नयी दिल्ली। भारत में सोना-चांदी को निवेश का परंपरागत विकल्प माना जाता है। लोग सोना-चांदी खरीद रखना पसंद करते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि बिना अपने पास सोना-चांदी रखे भी इनमें कारोबार हो सकता है? जी हां एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर आप इन दोनों कमोजिटीज में कारोबार करके तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं। अब ऐसा मुनाफा कमाने का ऑप्शन आपको देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और एनएसई भी देंगे। एमसीएक्स के प्रभुत्व वाले कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में एनएसई और बीएसई अगले महीने गोल्ड मिनी (एनएसई और बीएसई) और सिल्वर किलो (बीएसई) जैसी बुनियादी कमोडिटीज में ऑप्शन शुरू करने जा रहे हैं। इतना ही नहीं लिक्विडिटी वृद्धि योजना के तहत एनएसई अपने गोल्ड मिनी कॉन्ट्रैक्ट की भी शुरुआत करने जा रहा है, जिसे बाजार रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल चुकी है। बीएसई-एनएसई कमोडिटीज सेगमेंट में एमसीएक्स को सीधी टक्कर देंगे।
कब से होगी शुरुआत
एनएसई 8 जून से गोल्ड मिनी पर विकल्प लॉन्च करेगा, जबकि बीएसई 1 जून से सोने के मिनी और सिल्वर किलो के कॉन्ट्रैक्ट्ट ऑप्शन लॉन्च करेगा। ये एमसीएक्स के साथ मुकाबले करेंगे। एमसीएक्स सबसे बड़ा धातु और ऊर्जा कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट (सीडीएस) चलाता है और वित्त वर्ष 2019-20 में सीडीएस में इसकी लगभग 94% बाजार हिस्सेदारी है। लगभग 5% बाजार हिस्सेदारी कृषि एक्सचेंज एनसीडीईएक्स के पास है और शेष 1% बीएसई, आईसीईएक्स और एनएसई के पास है। बीएसएई और एनएसई के सोना-चांदी में नए ऑप्शन लॉन्च करने से इस सेगमेंट मुकाबला भी कड़ा हो जाएगा।
एमसीएक्स में पहले से है सोने-चांदी का ऑप्शन
एमसीएक्स ने पहले ही सोने, चांदी और कच्चे तेल के ऑप्शन शुरू कर दिए हैं। लेकिन ये ऑप्शन फ्यूचर (वायदा) में हैं, जहां ऑप्शन निर्दिष्ट तिथि पर फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट में ट्रांसफर होता है। एनएसई और बीएसई बुनियादी सोने और चांदी के कॉन्ट्रैक्ट पर ऑप्शन प्रदान करेंगे। बीएसई और एनएसई दोनों के सोने के मिनी कॉन्ट्रैक्ट में अहमदाबाद का आधार सेंटर होगा। जबकि बीएसई का सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट का आधार भी अहमदाबाद ही होगा। एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर रवि वाराणसी ने कहा कि यह पहली बार है कि कोई घरेलू एक्सचेंज फिजिकल सोने के विकल्पों में ट्रेडिंग शुरू कर रहा है।
यूरोपियन स्टाइल में होगा कारोबार
एक बाजार जानकार कहते हैं कि यदि "अच्छी तरह से संभाला जाता है", तो दोनों एनएसई और बीएसई निवेशकों को अपने नए उत्पादों की तरफ आकर्षित कर सकते हैं। बता दें कि ऑप्शन यूरोपियन स्टाइल में होगा, जिसका उपयोग केवल एक्सपायरी पर किया जा सकता है। अगर आप सोने-चांदी में कारोबार करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए ये अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
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