ITR: इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करना अक्सर टैक्स के योग्य कमाई वाले व्यक्तियों के लिए एक दायित्व के रूप में माना जाता है। हालांकि एक धारणा काफी प्रचलित है कि सिर्फ टैक्स देनदारी वाले लोगों को ही आईटीआर फाइल करने की जरूरत होती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हालांकि अगर आपके ऊपर टैक्स देनदारी ना हो फिर भी आप आईटीआर को फाइल कर सकते हैं इससे आपको कई फायदे भी होते हैं। अगर आपके पास टैक्स की देनदारी नहीं है, तो फिर भी आईटीआर फाइल क्यों करें आइए जानते हैं इसके बारे में।

किसी व्यक्ति ने टीडीएस या एडवांस टैक्स के रूप में टैक्स का भुगतान किया होगा। भले ही उन पर अब कोई टैक्स बकाया न हो। ऐसा व्यक्ति टैक्स रिफंड का क्लेम करने के लिए योग्य होता है। हालांकि, भुगतान किए गए एडवांस टैक्स को प्राप्त करने के लिए आपको आईटीआर जमा करना होगा।
आप आईटीआर को फाइल करने इन रिफंड के लिए क्लेम कर सकते हैं। जो आपको यह गारंटी देता है कि आपको शीघ्र से शीघ्र कोई भी उच्च प्रतिपूर्ति मिल जायेगी।
अगर आपको घूमने, पढ़ाई या फिर काम करने के लिए विदेश जाना है तो फिर आपको वीजा की जरूरत होती है। कई सारे देशों में वीजा के लिए आवेदन करने के लिए आपको 2 से 3 वर्ष के आईटीआर की जरूरत होती है।
क्योंकि अगर आप आईटीआर फाइल करते है तो फिर आपके वीजा की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसीलिए भी आपको आईटीआर फाइल करना चाहिए। भले ही आपके ऊपर टैक्स देनदारी ना हो।
आईटीआर किसी भी व्यक्ति के आय के प्रूफ के रूप में भी काम करता है और आईटीआर बैंक को उस व्यक्ति की लोन पात्रता निर्धारित करने में सहायता करता है। इसलिए भी आप भले ही आपके ऊपर टैक्स देनदारी ना हो आईटीआर को फाइल कर सकते हैं।
आईटीआर आपके सालाना आय के साथ ही साथ इंवेस्टमेंट जैसे अन्य फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के औपचारिक दस्तावेज के रूप में भी काम करता है।


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