एलएंडटी फाइनेंस का नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर यानी एनसीडी इश्यू 16 दिसंबर को खुल रहा है।
नई दिल्ली: एलएंडटी फाइनेंस का नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर यानी एनसीडी इश्यू 16 दिसंबर को खुल रहा है। फाइनेंशियल एडवाजरों की मानें तो यह निवेशकों खासकर रिटायर्ड और निचले टैक्स ब्रैकेट में आने वाले लोगों के लिए पैसा लगाने का अच्छा मौका है। वहीं रिटेल निवेशकों को यह एनसीडी 8.65 फीसदी ब्याज ऑफर कर रहा है। यह एनसीडी 3 साल, 5 साल और 7 साल की मैच्योरिटी अवधि के साथ आएगा। LIC पॉलिसी धारक जल्द निपटा लें ये काम,वरना फंस जाएगा पूरा पैसा ये भी पढ़ें

एसबीआई के एफडी पर अभी अधिकतम ब्याज दर 6.25%
हांलाकि इसकी तुलना में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के फिक्स्ड डिपॉजिट पर अभी अधिकतम ब्याज दर 6.25 फीसदी है। इस लिहाज से एनसीडी इश्यू काफी आकर्षक है। बता दें नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर कोई कंपनी जारी करती है। जो कि एक लॉन्ग टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट होते हैं। कन्वर्टिबल डिबेंचर के उलट इन्हें भविष्य की तारीख में कंपनी के इक्विटी शेयरों में बदला नहीं जा सकता है। जो कोई डिबेंचर (बॉन्ड) होल्ड करता है, वह कंपनी के लिए कर्जदाता यानी क्रेडिटर या लेंडर होता है। कंपनी को इन्हें ही ब्याज का भुगतान करना पड़ता है।
निवेशक इश्यू से 2.35 फीसदी तक ज्यादा कमा सकते
मनी हनी फाइनेंशियल सर्विसेज के एमडी व सीईओ का कहना है बैंक डिपॉजिट की तुलना में निवेशक इश्यू से 2.35 फीसदी तक ज्यादा कमा सकते हैं। यह बात इसे आकर्षक बनाता है। यह बॉन्ड एएए रेटिंग वाला है। सरकारी बॉन्डों (जीओआई) के मुकाबले भी ऑफर की जा रही ब्याज दर काफी अच्छी है। अभी सरकार बॉन्ड निवेशकों को 7.75 फीसदी ब्याज दे रहे हैं। एनसीडी को डीमैट फॉर्म में रखना होगा। हालांकि एनएसीडी से होने वाली इनकम टैक्स के दायरे में आती है। लेकिन, स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) नहीं होती है। इस लिहाजा, डिस्ट्रीब्यूटरों को लगता है कि रिटायर्ड और निचले टैक्स ब्रैकेट में आने वाले लोगों के लिए यह अच्छा दांव है।


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