नई दिल्ली, अप्रैल 13। जैसे-जैसे दुनिया आगे बढ़ रही है और डिजिटल इको-सिस्टम की ओर आकर्षित हो रही है, फाइनेंशियल सिस्टम में पेपरलेस लेनदेन का चलन बढ़ रहा है। फेमस डीसेंट्रलाइज्ड और वर्चुअल करेंसी क्रिप्टोकरेंसी बहुत अधिक मशहूर हो रही है। यहां तक कि भारतीय रिजर्व बैंक भी डिजिटल करेंसी पेश करने की दिशा में काम कर रहा है। इस क्रिप्टो सिस्टम को ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी और क्रिप्टोग्राफी से सपोर्ट दिया गया है, जो इनकी खरीद और बिक्री, ट्रेड को विश्वसनीय और सुरक्षित बनाता है। पर क्या आप जानते हैं कि कितनी तरह की क्रिप्टोकरेंसी होती हैं? इस लेख में हम आपको यही बताएंगे।
बिटकॉइन
बिटकॉइन की खोज 2009 में सतोशी नाममोटो द्वारा की गई थी, जो सबसे बड़ी मार्केट कैपिटल वाली क्रिप्टोकरेंसी है। पहली और सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी भी बिटकॉइन है। इस करेंसी के लेन-देन की निगरानी क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन तकनीक के तहत की जाती है। इसका उपयोग ट्रेडिश्नल करेंसीज, अल्टरनेटिव पेमेंट्स और ट्रांजेक्शन सिस्टम के रूप में किया जा सकता है। बिटकॉइन सबसे उपयोगी क्रिप्टोकरेंसी है।
स्क्रिप्ट क्रिप्टोकरेंसी
लिटकोइन को 2011 में चार्ली ली द्वारा शुरू किया गया था, जिसे "सिल्वर टू बिटकॉइन गोल्ड" कहा जाता है। यह केरंसी लेनदेन बिटकॉइन लेनदेन की तुलना में बहुत तेज है। यह एक प्रकार की 'स्क्रिप्ट क्रिप्टोकरेंसी' है, जो ओपन सोर्स है। अपनी मार्केट कैपिटल और टोकन वैल्यू के कारण लिटकोइन दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसियों में से एक है।
नेम कॉइन
नेम कॉइन 2011 में विंसेंट डरहम द्वारा शुरू किया गया था। इस विशेष क्रिप्टो के लिए 2.1 करोड़ कॉइन की लिमिट है। यह बिटकॉइन के समान काम करता है और बिटकॉइन जैसे समान एल्गोरिदम का उपयोग करता है।
पियरकॉइन
बिटकॉइन फ्रेमवर्क पर आधारित पियरकॉइन को 2021 में सनी किंग और स्कॉट नडाल द्वारा शुरू किया गया था। यह पहली क्रिप्टोकरेंसी है जिसमें प्रूफ-ऑफ-स्टेक और प्रूफ-ऑफ-वर्क दोनों का इस्तेमाल किया गया है। इस क्रिप्टो का इस्तेमाल मनी ट्रांसफर, ट्रेडिंग और खरीदारी के उद्देश्य से किया जा सकता है। फिर वर्ष 2013 में कुछ डॉगकॉइन, ग्रिडकॉइन, प्राइमकॉइन, रिपल और नेक्स्ट और इसके बाद 2014 में ऑरोराकॉइन, डैश, नियो, माजाकॉइन, मोनेरो, टिटकॉइन, वर्ज, स्टेलर और वर्टकॉइन को शुरू किया गया।
एथेरियम
2015 में एथेरियम, एथेरियम क्लासिक, नैनो, टीथर शुरू किए गए। बिटकॉइन के बाद, एथेरियम थर्ड पार्टी के हस्तक्षेप के बिना, सबसे प्रसिद्ध और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली डीसेंट्रलाइज्ड क्रिप्टोकरेंसी में से एक है। एथेरियम कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है। डिजिटल संपत्ति के लेन-देन में कई प्लेटफ़ॉर्म एथेरियम को करेंसी के रूप में उपयोग करते हैं। एथेरियम ने अपनी प्रारंभिक अवस्था से खुद को अपग्रेड किया था। इसके बाद 2016 में फिरो और जेडकैश और 2017 में बिटकॉइन कैश, ईओएस.आईओ, कार्डानो और ट्रॉन शुरू किए गए।
बाकी क्रिप्टोकरेंसीज
कार्डानो की स्थापना एथेरियम के सह-संस्थापक चार्ल्स हॉकिंसन ने की थी। यह एक ओपन सोर्स ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है। इंटरनल क्रिप्टोकरेंसीज के साथ इसका लक्ष्य विश्व की फाइनेंशियल ऑपरेटिंग सिस्टम बनना है। रिसर्च के मुताबिक 2018 में अमाबाकॉइन, 2019 में एल्गोरैंड, 2020 में एवलांच और शीबा इनु तथा 2021 में डेसो, सेफमून और इंटरनेट कंप्यूटर की शुरुआत की गयी।


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