
UP Govt: मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष दिसंबर के महीने तक 90,000 से ज्यादा ग्रामों की घरौनियां तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
31 जुलाई तक इस लक्ष्य के सापेक्ष सर्वे ऑफ इंडिया से त्रुटिर हित मानचित्र प्राप्त करने का लक्ष्य है। वही, 31 अगस्त तक मौके पर जाकर परीक्षण का लक्ष्य भी तय किया गया है। इसकी कार्य योजना और लक्ष्य का विस्तृत ब्योरा मुख्य सचिव के समक्ष रखा गया है।
राज्य सरकार ने अभी तक 90 हजार 894 ग्रामों का ड्रोन सर्वे पूरा कर लिया है, जबकि लगभग 73,000 ग्राम का सर्वे ऑफ इंडिया से मानचित्र प्राप्त कर लिया गया है।
लगभग 57 लाख घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं। इसमें 24 अप्रैल 2023 तक लगभग 55 लाख 15 हजार घरौनियां वितरित भी की जा चुकी हैं।
अगर हम स्वामित्व योजना के समग्र कार्य के अन्तर्गत टॉप 10 जनपदों की बात करें तो इसमें बुंदेलखंड के जिले सबसे आगे हैं। इसमें अगर हम टॉप 3 की बात करें तो ललितपुर 99.944 प्रतिशत, जालौन 99.657 प्रतिशत और झांसी 99.056 प्रतिशत है।
इसमें चौथे स्थान पर मुरादाबाद 99.037 प्रतिशत है। वही, पांचवें नंबर की बात करें तो फिर इसमें महोबा 98.701 फीसदी के साथ पांचवें नंबर पर है।
इसमें छठे बागपत 98.375 प्रतिशत, सातवें संभल 97.474 प्रतिशत, आठवें हमीरपुर 97.328 प्रतिशत,नौवें शामली 97.044 प्रतिशत और कासगंज 97.008 प्रतिशत के साथ 10वें स्थान पर है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर यूपी के 20,98,926 घरौनियों का डिजिटली वितरण किया था। इन घरौनियों का वितरण पीएम स्वामित्व योजना के अंतर्गत राज्य के 37 हजार 833 ग्राम के लिए किया गया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने तब इसे ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की संकल्पना को साकार करने वाला कदम बताया है। पुस्तैनी मकानों या उनकी भूमि के ब्यौरे के प्रमाण पत्र को घरौनी कहा जाता है।


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