इस साल मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर 5.91 फीसद के स्तर पर रही जो फरवरी के 6.58 फीसद की तुलना में कम है।
नई दिल्ली: इस साल मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर 5.91 फीसद के स्तर पर रही जो फरवरी के 6.58 फीसद की तुलना में कम है। खाने-पीने की चीजें सस्ती होने की वजह से इनके दाम घटे हैं। जिसमें इस माह काफी कमी आई है। मार्च में खुदरा महंगाई नवंबर 2019 के बाद सबसे कम है। आज यानि सोमवार को सरकार की ओर से ये आंकड़े जारी किए गए हैं।

हालांकि, अगर हम पिछले साल के मार्च महीने से इसकी तुलना करें तो यह काफी बढ़ी हुई है। मार्च 2019 में खुदर महंगाई दर 2.86 फीसद थी। खाद्य पदार्थों की महंगाई दर में भी राहत की खबर है। मार्च में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 8.76 फीसद रही जो फरवरी में 10.81 फीसद थी। सब्जियों की महंगाई दर मार्च में 18.63 फीसद रही। यह फरवरी के 31.61 फीसद की तुलना में काफी कम हुई है। वहीं अनाज और उत्पादों की महंगाई दर में मार्च में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई और यह फरवरी के 5.23 फीसद की तुलना में 5.30 फीसद रही। वहीं, दलहन और प्रोडक्ट्स की महंगाई दर मार्च में 15.85 फीसद रही जो फरवरी में 16.61 फीसद थी।
खाद्य वस्तुएं और ईंधन सस्ता होने और लॉकडाउन महंगाई दर में कमी आने की वजह बताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती की वजह से महंगाई दर में जितनी कमी की उम्मीद पहले की जा रही थी उससे ज्यादा कमी देखी जा रही है। देश में बीते करीब एक महीने से कामकाज बंद हैं। 22 मार्च के बाद से तो देश में बस, ट्रेन सेवाएं बंद हैं और बहुत जरूरी सामान को छोड़ फैक्ट्रियां और दुकानें भी बंद हैं। देश में 14 मार्च तक लॉकडाउन है और इसके अभी और बढ़ने से आसार हैं।
ऐसे में देश में आर्थिक गतिविधियां लगभग बंद ही हैं। इससे पहले फरवरी में थोक महंगाई की दर में फरवरी में कमी दर्ज की गई थी। फरवरी माह में थोक महंगाई दर 2.26 फीसदी पर रही थी। जनवरी में थोक महंगाई दर 3.1 फीसदी पर थी। उससे पहले दिसंबर 2019 में थोक महंगाई दर 2.59 फीसदी पर थी। इसके अलावा नवंबर में यह दर 0.58 फीसदी थी।


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