नयी दिल्ली। शुक्रवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जुलाई में भारत के व्यापारिक निर्यात में लगातार पाँचवें महीने गिरावट दर्ज की गई। जून के मुकाबले भारत का निर्यात जुलाई में 10.21 फीसदी घट कर 23.64 अरब डॉलर रह गया। पेट्रोलियम, रत्न और आभूषण तथा चमड़े के सामान जैसे उत्पादों की शिपमेंट से गिरावट से निर्यात पर काफी नकारात्मक असर पड़ा। निर्यात के साथ-साथ देश के आयात में भी गिरावट आई। आइए जानते हैं कितना घटा जुलाई में देश का आयात।

28.40 फीसदी घटा आयात
देश का आयात जुलाई 2019 के मुकाबले 28.40 प्रतिशत गिर कर 28.47 अरब डॉलर रह गया। इससे देश का व्यापार घाटा भी 13.43 अरब डॉलर से घट कर 4.83 अरब डॉलर रह गया। पेट्रोलियम और कच्चे तेल का आयात 31.97 प्रतिशत घट कर 6.53 अरब डॉलर रह गया, जबकि सोने का आयात 4.17 प्रतिशत बढ़ कर 1.78 अरब डॉलर रहा। डेटा के अनुसार भारत के शीर्ष 30 निर्यात वस्तुओं में से 14 में गिरावट देखी गई। हालांकि जुलाई में निर्यात में आई गिरावट अप्रैल 2020 में आई 60 फीसदी की गिरावट से कम है।
कब कितना घटा निर्यात
जुलाई से पहले अप्रैल में 60.28 प्रतिशत, मई में 36.47 प्रतिशत और जून में 12.41 प्रतिशत निर्यात घटा था। अब जाकर निर्यात में थोड़ी बेहतरी हुई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ के अनुसार देश भर में व्यावसायिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने और "लगभग सभी" प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं (देश) से ऑर्डर और पूछताछ के कारण निर्यात में आने वाली गिरावट कम हुई है। हालांकि वैश्विक रिवाइवल और व्यावसायिक सेंटिमेंट्स अभी भी पटरी पर नहीं लौटी हैं। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है।
मुक्त व्यापार समझौतों पर हो ध्यान
सराफ के अनुसार वियतनाम, बांग्लादेश और ताइवान जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए मुक्त व्यापार समझौतों और अधिक बहुपक्षीय समझौतों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। पेट्रोलियम उत्पाद का निर्यात 51.54 प्रतिशत, रत्न और आभूषण 49.61 प्रतिशत, चमड़ा 26.96 प्रतिशत, मानव निर्मित धागा 23.33 प्रतिशत और परिधान 22 प्रतिशत घटा है। जबकि चावल, लौह अयस्क, तिलहन, तेल खली, मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद, दवाएं, कॉफी, इंजीनियरिंग सामान और प्लास्टिक का निर्यात बढ़ा है।


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