नई दिल्ली, जुलाई 28। जानकारो और बैंकरों का कहना है कि भारत में इस समय ऋण वृद्धि तीन साल के उच्च स्तर पर है। इस साल आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ साथ लोन लेने में भी बढ़ोत्तरी हुई है। लेकिन बैंको में जमा होने वाले पूंजी में धीमी गती के कारण बैंक जमा दर को जल्द ही बढ़ा सकते हैं। अगर बैंक ऐसा कदम उठाते हैं तो ग्राहको को बैंक में जमा धन पर ज्यादा ब्याज मिलेगा। ब्याज बढ़ने से लोग बैंको में पैसा जमा करना भी शुरू करेंगे।
लोग बैंको में कम जमा कर रहें है पैसा
सरकारी ऋणदाता बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि जमा वृद्धि में कमी आई है क्योंकि उच्च मुद्रास्फीति के परिणामस्वरूप लोगो को कम बचत हुई है। इस समय जमाकर्ता बेहतर रिटर्न की तलाश में शेयरों और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना पसंद कर रहे हैं। अपनी जमा वृद्धि को बढ़ाने के लिए, देश के सबसे बड़े निजी ऋणदाता, एचडीएफसी बैंक ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा रखे अनिवासी खातों पर उच्च ब्याज दर की पेशकश करके अपनी जमा राशि को बढ़ाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। विश्लेषकों का मानना है कि अन्य ऋणदाता भी इसी तरह के कदमों का अनुसरण कर सकते हैं।
धन जुटाने का प्रायास करेंगे बैंक
मुद्रास्फिती से निपटने के लिए रिजर्व बैंक ने इस साल दो बार रेपो दर बढ़ाया है, जिसके कारण बैंकों ने सेविंग अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याद दर को बढ़ाया है। लेकिन, बावजूद इसके लोग बैंको में कम पैसा जमा कर रहे हैं। शेयर मार्केट में भी अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा है। महंगाई के कारण लोग पैसो की बचत भी कर रहे हैं।
ब्याज दर बढ़ाएंगे बैंक
रेटिंग एजेंसी आइसीआरए ने पिछले हफ्ते एक नोट में कहा था कि उसे उम्मीद है कि बैंक "जमाओं का आक्रामक रूप से पीछा करना शुरू कर देंगे, जिससे जमा दरों में भी वृद्धि होगी। रिपोर्ट में कहा गया कि " भारतीय बैंकों की जमा वृद्धि, वर्तमान में 9.8% है जो, पिछले 14 महीनों से दहाई के निचे रही है।, जबकि क्रेडिट वृद्धि - वित्त वर्ष 2011 में 5.6% के रिकॉर्ड निचले स्तर को छूकर - लगभग तीन गुना बढ़कर 14.4% हो गई है।


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