Success Story : कोई भी काम छोटा नहीं होता है। बड़ी सफलता के लिए छोटे से ही शुरुआत होती है। अगर मेहनत करते हैं तो फिर सफलता जरूर मिलती है। इसका उदाहरण पोल्ट्री बिजनेस में भारत की अग्रणी कंपनी सुगना फूड्स प्राइवेट लिमिटेड है। 5,000 रु का निवेश करके पोल्ट्री फॉर्म शुरू करने वाले 2 भाई ने 37 वर्ष में ही 10 हजार 750 करोड़ रु की कंपनी बना दी है।
तमिलनाडु के उडूम्पलेट के रहने वाले दो भाईयों बी सुंदरराजन और श्री जीबी सुंदरराजन ने सुगना फूड्स की शुरुआत की। इनके माता-पिता टीचर थे। जब इनकी पढ़ाई खत्म हो गई थी। इसके बाद दोनों ने खेती शुरू की।

इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 1984 में एक छोटा सा पोल्ट्री फॉर्म भी शुरू किया था। जब उन्होंने पोल्ट्री फार्म को शुरू किया था। तब उनको समझ आ गया था। कि इस बिजनेस में काफी अधिक संभावनाएं है।
उन्होंने इसी को देखते हुए वर्ष 1986 में इसमें यानी पोल्ट्री फॉर्म में काम आने वाले फीड, दवाईयां और औजार को बेचना शुरू कर दिया था। इस तरह सुगना फूड्स की शुरुआत हुई।
जब वे इन चीजों को बेच रहे थे तब उनको यह पता चला कि कई किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती है। जिस वजह से वे बेहतर तरीके से मुर्गी पालन नहीं कर पाते है। इसी को देखते हुए उन्होंने कांट्रेक्ट फार्मिंग की शुरुआत की।
पोल्ट्री फॉर्म मालिकों को वे दवाईंया और चिक्स से लेकर फीड तक मुहैया कराने लगे। इसके साथ ही वे फार्म के मालिक से मुर्गियां खरीदने लगे।
इससे कई सारे फायदे हुए इसमें एक तो मुर्गी पालकों को फायदा हुआ ही इसके साथ ही सुगना फूड्स के कारोबार में भी इजाफा हुआ। वर्ष 2000 के आते आते सुगना फूड्स का वार्षिक टर्नओवर 100 करोड़ रुपये हो गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब कंपनी का टर्नओवर 10 हजार 750 करोड़ रुपये सालाना हो चुका है। इसके साथ ही इस कंपनी का बिजनेस 18 देशों तक फैला हुआ है। इसके साथ ही कंपनी के पास 70 फीड मील है। इसके अलावा कंपनी 70 से अधिक हैचरी भी कंपनी चला रही है साथ ही 40,000 किसान कंपनी से जुड़कर पोल्ट्री व्यवसाय कर रहे हैं।


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