Tesla ने सालों से टाल-मटोल के बाद अब भारत में 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की सालाना क्षमता वाली एक कार फैक्ट्री को लगाने के लिए निवेश प्रस्ताव पर भारत सरकार के साथ चर्चा शुरू कर दी है। कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआती कीमत लगभग 20 लाख रु हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकारी सूत्रों की तरफ से कहा गया हैं कि, टेस्ला न केवल भारत में अपना प्लांट शुरू करेगा बल्कि इसके साथ ही भारत को चीन के ही तर्ज पर इंडो-पैसिफिक रीजन में एक एक्सपोर्ट हब के तौर पर विकसित करने का प्लान बना रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक सूत्र के तरफ से कहा गया है कि टेस्ला एक एंबिशियस प्लान के साथ हमारे पास आया है और हम यह विश्वास है कि इस बाद का मूवमेंट पॉजिटिव होगा। खास इसीलिए क्योंकि इसमें लोकल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट्स शामिल होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय बातचीत का नेतृत्व कर रहा है और सरकार समान अवसर बनाए रखते हुए एक बेहतर डील की उम्मीद कर रही है।
भारत में इन्वेस्टमेंट करने की टेस्ला का प्लान में बदलाव पिछले महीने अमेरिका की हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान सीईओ एलन मस्क की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ हफ्तों के भीतर आया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 21 जून 2023 को एलन मस्क ने कहा था कि वह (मोदी) सच में भारत की परवाह करते हैं। क्योंकि वे हमें भारत में जरूरी इन्वेस्टमेंट करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, क्योंकि हम करना चाहते हैं। हम केवल सही वक्त का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि टेस्ला भारत में होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला ने मई के महीने में सरकार के साथ बात चित फिर शुरू कर दी थी। जब कंपनी की एक टीम ने पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा के 1 महीने पहले भारत का दौरा किया था।
देश में टेस्ला के संभावित इन्वेस्टमेंट को कंपनियों के द्वारा चीन के परे अपने उत्पादन आधारों में विविधता लाने की ग्लोबल रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जाता है। हालांकि, एलन मस्क ने एशियाई मैन्युफैक्चरिंग दिग्गज से ज्यादा उत्साहित हैं।
अगर प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो यह सरकार की मेक इन इंडिया पिच के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। जिसमें एप्पल जैसे विक्रेताओं ने घरेलू उत्पादन में जरूरी निवेश किया है और देश को निर्यात के आधार के रूप में उपयोग किया है।
इंडियन मार्केट पर टेस्ला सालों से नजर रख रही है, लेकिन टेस्ला कम शुल्क पर अपनी कारों को आयत करने के लिए सरकार से खास प्रोत्साहत प्राप्त करने में विफल रहने के बाद उसने पिछले वर्ष आगे बढ़ने का प्लान छोड़ दिया था।


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