Tesla Delhi HC case: हाल ही में एलन मस्क की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला ने एक भारतीय कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आपको बता दें कि यह मामला ट्रेडमार्क के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। भारतीय कंपनी टेस्ला पावर इंडिया के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया है।

एलन मस्क की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला ने हाई कोर्ट से मांग की है कि वह टेस्ला पावर इंडिया को ट्रेडमार्क टेस्ला का इस्तेमाल करने से रोके।
टेस्ला ने लगाया यह आरोप
एलन मस्क की टेस्ला कंपनी की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर लाल के अनुसार, ट्रेडमार्क के गलत इस्तेमाल से अमेरिकी कंपनी की प्रतिष्ठा पर आंच आ रही है और उसके व्यावसायिक हित प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी नाम के इस्तेमाल से ग्राहकों को भी भ्रम हो रहा है और टेस्ला पावर की बैटरी के खिलाफ आने वाली शिकायतें अमेरिकी कंपनी ईवी मेकर टेस्ला इंक को रिडाइरेक्ट कर दी जा रही हैं, क्योंकि ग्राहक उसे एलन मस्क की कंपनी से जुड़ा हुआ मान ले रहे हैं।
वहीं, चंदर लाल का आरोप है कि गुरुग्राम बेस्ड कंपनी टेस्ला पावर अपनी बैटरियों का विज्ञापन दे रही है, जिनमें वह खुद को एक इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी के रूप में दिखा रही है।
इस दिन होगी अगली सुनवाई
अमेरिकी कंपनी की याचिका के बाद कोर्ट ने गुरुग्राम स्थित कंपनी टेस्ला पावर को नोटिस जारी किया. मामले में अगली सुनवाई 22 मई को होने वाली है।
टेस्ला पावर का कहना है कि वह कई सालों से बिजनेस कर रही है और वह गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली परंपरिक बैटरियां बनाती है।
टेस्ला पावर के मनोह पाहवा ने कही यह बात
टेस्ला पावर के मनोह पाहवा ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी मस्क की टेस्ला से बहुल पहले से भारत में मौजूद है और उसने सरकार से सभी अनुमति ली हैं। इतना ही नहीं उन्होंने मस्क की टेस्ला से संबंधित होने का कभी दावा नहीं किया था।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनकी ईवी बाजार में एंट्री करने की कोई योजना नहीं है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि टेस्ला ट्रेडमार्क वाले विज्ञापन का संबंध ई-अश्वा नामक दूसरी कंपनी से है।
आपको बता दें कि इस मामले में उच्च न्यायालय ने कहा कि टेस्ला इंक ने इस मामले में कोई अर्जेंसी नहीं दिखाई है क्योंकि वह साल 2020 से ही टेस्ला पावर के साथ उसके ट्रेडमार्क के कथित अवैध इस्तेमाल को लेकर संवाद कर रही थी।
वहीं, टेस्ला पावर ने यह तर्क दिया कि वह ईवी बैटरी का निर्माण नहीं कर रही है। बल्कि पारंपरिक वाहनों और इनवर्टरों में इस्तेमाल होने वाली लेड एसिड बैटरी बेच रही है।
टेस्ला पावर इंडिया के अध्यक्ष कविंदर खुराना भी अदालत में मौजूद थे और उन्होंने कहा कि वह टेस्ला ब्रांड के तहत अपने ईवी का निर्माण या मार्केटिंग नहीं करेगी, लेकिन अमेरिका में उसकी एक साझेदारी फर्म है।
टेस्ला ट्रेडमार्क वाले विज्ञापन का संबंध ई-अश्वा नामक दूसरी कंपनी से है। जिसके साथ टेस्ला पावर की ब्रांडेड उत्पाद बेचने के लिए रणनीतिक साझेदारी है।
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