Tesla Car Price in India: दिग्गज इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनी टेस्ला (Tesla) को लेकर भारत में चर्चा जोरों पर है. ऐसी खबर है कि एलन मस्क की कंपनी भारत में ईवी कार बेचने और बनाने की तैयारी में है. अमेरिकी कंपनी ने भारत में हायरिंग भी शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही टेस्ला भारत में एंट्री कर सकती है. बता दें कि 2024 में टेस्ला ने दुनियाभर में करीब 18 लाख गाड़ियों की बिक्री की. कंपनी के लिए सबसे बड़ा मार्केट चीन है, जहां 40% बिक्री होती है. इसके अलावा अमेरिका में 35% बिक्री होती है.
टेस्ला (Tesla in India) ने भारत में हायरिंग भी शुरू कर दी है. इसके तहत एडवाइजर, इनसाइड सेल्स एडवाइजर और कंज्युमर एंगेजमेंट मैनेजर की हायरिंग कर रहा. बता दें कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिन के अमेरिकी दौरे पर थे. जहां टेस्ला के मुखिया एलन मस्क (Elon Musk) ने उनसे वॉशिंगटन में मुलाकात की थी. तब से टेस्ला (Tesla) के भारत में आने की खबरें जोर पकड़ी हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टेस्ला, भारत में एंट्री को लेकर एग्रेसिव काम कर रहा.
भारत में कितनी महंगी होगी टेस्ला कार? (Tesla Car Price)
ब्रोकरेज फर्म CLSA ने टेस्ला (Tesla) की भारत में एंट्री पर एक रिपोर्ट जारी किया है. भारत में कार इंपोर्ट ड्युटी काफी हाई है. इसमें 40 हजार अमेरिकी डॉलर से ज्यादा कीमत वाले मॉडल्स पर 110% ड्युटी है, जिसमें एग्रीकल्चर सेस शामिल है. 40 हजार अमेरिकी डॉलर के मॉडल्स पर 60% इंपोर्ट ड्युटी लगता है.
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला की गाड़ियों पर अगर इंपोर्ट ड्युटी को करीब 20% घटा भी लिया जाए तब भी इसकी ऑन-रोड कीमत करीब 35 से 40 लाख रुपए के आसपास होगा. ऐसे में टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा सकता है, जिससे मौजूदा पोर्टफोलियो को बढ़ाने में मदद मिलेगी. फिलहाल टेस्ला के पोर्टफोलियो में सबसे सस्ती गाड़ियों की लिस्ट में मॉडल 3 (Model 3) और मॉडल वाई (Model Y) शामिल हैं.

ई-व्हीकल पॉलिसी से होगा फायदा?
CLSA ने कहा कि टेस्ला (Tesla) अगर भारत में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाती है, तब उसे ई-व्हीकल पॉलिसी का फायदा मिल सकता है. इस पॉलिसी के तहत हर साल 8 हजार यूनिट के लिए ड्यूटी में 15% की कटौती का बेनिफिट मिलेगा. हालांकि, टेस्ला को इसके लिए करीब 41.5 अरब रुपए का निवेश करना होगा. फिलहाल सबकी निगाहें ईवी (EV) को लेकर पॉलिसी में होने वाले बदलाव पर है.
भारतीय कंपनियों पर होगा असर?
ब्रोकरेज ने कहा कि मान लीजिए टेस्ला (Tesla) भारत में एंट्री करती है. ऑन-रोड 25 लाख रुपए का मॉडल लॉन्च कर देती है, जिससे मार्केट शेयर बढ़ता है. तब ऐसी स्थिति में घरेलू कंपनियों पर क्या असर होगा? CLSA ने कहा कि महिंद्रा एंड महिंद्रा की ठीक-ठाक डी-रेटिंग हुई है. यह पहले से ही प्राइस-इन हो चुकी है. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि टेस्ला के भारत में एंट्री होने का मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स समेत हुंडई मोटर्स इंडिया पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला है.
चीन के मुकाबले आसान है भारत में एंट्री
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि चीन, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन के मुकाबले भारत में एंट्री करना आसान है. हालांकि, भारत में टेस्ला (Tesla) के लिए रिस्पांस भारतीय ग्राहकों की ओर से हार्ले 440 बाइक को मिले प्रतिक्रिया जैसा हो सकता है, जोकि रॉयल एनफिल्ड हंटर 350 से 20% महंगा है.


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