भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। कोरोना के कारण दुनिया में सबसे बड़ी मंदी आने वाली है, जो कि खतरे की घंटी है।
नई दिल्ली: भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। कोरोना के कारण दुनिया में सबसे बड़ी मंदी आने वाली है, जो कि खतरे की घंटी है। ऐसे में कई कंपनियों ने अपने यहां छंटनी शुरू कर दी है। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की है। इस कारण कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। लेकिन इसी बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात कंपनी टीसीएस ने अपने कर्मचारियों को शानदार तोहफा दिया है।
4.5 लाख कर्मचारियों में से किसी को भी नहीं निकालेगी कंपनी
टीसीएस ने कल यानि गुरुवार को कहा कि वह अपने 4.5 लाख कर्मचारियों में से किसी को भी नहीं निकालेगी। हालांकि कंपनी ने इस साल वेतन में कोई भी बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है। इसके साथ ही कंपनी ने इस साल कोरोना संकट की वजह से अपने इम्पलॉई के वेतन में कोई भी बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है। टाटा समूह की कंपनी ने यह भी कहा कि उसने नई नियुक्तियों को लेकर जो प्रतिबद्धता जतायी है, उसे पूरा करेगी और जिन 40,000 लोगों को नियुक्ति पत्र दिया गया है, उसे नौकरी देने जा रही है। टीसीएस अन्य कंपनियों की तरह व्यवहार नहीं करेगी जिन्होंने कथित रूप से नौकरी के पेशकश पर फिर से विचार करने की बात कही है। वहीं दूसरी तरफ बता दें कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का एकीकृत शुद्ध लाभ मार्च 2020 में समाप्त तिमाही में घटकर 8,049 करोड़ रुपये रहा है।
नहीं होगी कोई छंटनी : सीईओ राजेश गोपीनाथ
अगर बात पूरे वित्त वर्ष 2019-20 की करें तो देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी का शुद्ध लाभ 2.7 फीसदी बढ़कर 32,340 करोड़ रुपये रहा है। इस अवधि में टीसीएस की आय 7.1 फीसदी बढ़कर 1,56,949 करोड़ रुपये रही है। कंपनी ने संकेत दिया कि कोरोना वायरस संकट के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाही काफी कठिन होगी और आय कम होने की आशंका है। वहीं टीसीएस के प्रबंध निदेशक और सीईओ राजेश गोपीनाथ ने कहा कि हमने नए लोगों को नौकरी की जो भी पेशकश की है, उसका सम्मान किया जायेगा। हम कोई छंटनी नहीं करेंगे।
टीसीएस ने 40,000 युवाओं को नौकरी की पेशकश की
इसके साथ ही कंपनी के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख मिलिंद लक्कड़ ने कहा कि टीसीएस ने 40,000 युवाओं को नौकरी की पेशकश की है और उन सभी को कंपनी में शामिल किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि इस साल टीसीएस के पुराने इम्पलॉई के वेतन में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। लक्क्ड़ ने कहा कि हमने इस साल कर्मचारियों का वेतन नहीं बढ़ाने का निर्णय किया है। गोपीनाथ ने कहा कि कंपनी छोड़कर जाने वाले लोगों का प्रतिशत 12.1 फीसदी है जो उद्योग में बेहतर है।


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