नयी दिल्ली। भारत में आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टीसीएस (Tata Consultancy Service), जो कि देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेटर सर्विस एक्सपोर्टर कंपनी भी है, ने वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। साथ ही कंपनी के बोर्ड ने शेयरों की बायबैक यानी वापस खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 7475 करोड़ रु का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की समान तिमाही में रहे 8042 करोड़ रु के मुनाफे के मुकाबले 7.05 फीसदी की गिरावट है। इससे पहले जून तिमाही में साल दर साल आधार पर कंपनी का मुनाफा 14 फीसदी की गिरावट के साथ 7008 करोड़ रु रहा था।

इनकम में आई बढ़त
मुनाफे के उलट टीसीएस की नेट इनकम यानी शुद्ध आय बढ़ी है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी की शुद्ध आय साल दर साल 4.9 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 8433 करोड़ रु रही। साल दर साल आधार पर ही कॉन्सटेंट करेंसी में इसकी आय में 3.2 फीसदी की गिरावट देखी गई। तिमाही के लिए ऑपरेशन से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 40,135 करोड़ रु रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 3 फीसदी अधिक रहा।
बायबैक प्रस्ताव को हरी झंडी
टीसीएस के बोर्ड ने 16 हजार करोड़ रु के बायबैक ऑफर को हरी झंडी दिखा दी है। बायबैक ऑफर में कोई कंपनी अपने ही शेयरों को शेयरधारकों से वापस खरीदती है। इसके साथ ही टीसीएस वित्त वर्ष 2020-21 में शेयरों के बायबैक का ऐलान करने वाली पहली टेक्नोलॉजी कंपनी बन गई है। कंपनी ने आखिरी बार 2018 में शेयर बायबैक किया था। तब भी इसने 16 हजार करोड़ रु के शेयरों का ही बायबैक किया था।
किया लाभांश का ऐलान
वित्तीय नतीजों और बायबैक प्रस्ताव पर मुहर लगाने के साथ ही टीसीएस के बोर्ड ने अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) का भी ऐलान किया है। टीसीएस के बोर्ड ने 1 रु प्रति वाले हर शेयर के लिए 12 रु के लाभांश का ऐलान किया है। कंपनी ने जून तिमाही के नतीजों के साथ 5 रु प्रति इक्विटी शेयर के लाभांश का ऐलान किया था।


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