Tax Saving Schemes: केंद्र सरकार की तरफ से कई सारी सरकारी योजनाएं चलाई जाती हैं। ये स्कीम्स केवल मुनाफा नहीं, बल्कि मिडिल क्लास को टैक्स सेविंग का फायदा भी देती हैं।
आप अगर टैक्स पेयर हैं और रिटर्न के साथ टैक्स बचाना चाहते हैं तो ये योजनाएं आपके लिए हैं। इन योजनाओं में निवेश करके आप लाखों रु का टैक्स की बचत कर सकते हैं।

हम बात कर रहे हैं स्मॉल सेविंग्स स्कीम की, जिसे आप पोस्ट ऑफिस के जरिए से खोल सकते हैं। स्मॉल सेविंग्स स्कीम के तहत टर्म डिपॉजिट, पब्लिक प्रोविडेंड फंड, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम और सुकन्या समृद्धि जैसी कई योजनाएं शामिल हैं। वही, टैक्स सेविंग में ईपीएफ जैसी योजना भी है।
पब्लिक प्रोविडेंड फंड में निवेश पर कितनी छूट
छोटी बचत योजना (स्मॉल सेविंग्स स्कीम) के तहत पब्लिक प्रोविडेंड फंड (पीपीएफ) एक ऐसी योजना है, जिसमें आयकर की धारा 80सी के तहत 1 लाख 50 हजार रु की बचत की जा सकती है।
इसके निवेश की अधिकतम राशि वार्षिक 1 लाख 50 हजार रु है। जिस वजह से यह योजना पूरी तरह से टैक्स छूट के तहत है। यह एक लॉन्ग टर्म निवेश स्कीम है, जिसमें मिनिमम 15 वर्ष तक निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम के तहत ब्याज 7.1 प्रतिशत है। इसमें मिनिमम 500 रु से निवेश कर सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना
केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत सुकन्या समृद्धि स्कीम को चालू किया गया था। सुकन्या समृद्धि स्कीम में लड़कियों के नाम से इन्वेस्ट शुरू कर सकते हैं और हर वर्ष लाखों रु का टैक्स बचा सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत निवेश की गई राशि बेटी के 18 वर्ष की उम्र में आधी और 21 वर्ष के होने पर पूरी राशि निकाली जा सकती है। इस योजना के तहत ब्याज 8 प्रतिशत है।
ईपीएफ योजना के तहत टैक्स छूट
ईपीएफ या पीएफ खाते के तहत एक कर्मचारी को हर महीने अपनी सैलरी में से 12 प्रतिशत का योगदान देना पड़ता है। वही, कंपनी की ओर से भी आपके पीएफ अकाउंट में इतना ही योगदान दिया जाता है।
यह योजना भी टैक्स सेविंग के तहत आती है, जिसमें आयकर की धारा 80सी के तहत 1 लाख 50 हजार रु तक की छूट देती है। सरकार की ओर से इस योजना में 8.1 फीसदी का ब्याज दिया जाता है।
खास तौर पर यह स्कीम रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा करती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर आप इमरजेंसी फंड के तौर पर पैसे को निकाल सकते हैं।
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