Non taxable income : हर वो व्यक्ति जो आयकर देता है वो हमेशा ही टैक्स को बचाने के तरीके खोजते रहता है। इसके लिए व्यक्ति कई सारी स्कीम में निवेश करता है। इसके साथ ही अन्य उपाय भी अपनाता है। मगर क्या आपको पता है ये 5 तरह आय ऐसी है जिन पर आपको टैक्स नहीं देना पड़ता है। क्योंकि आईटीआर भरने का वक्त काफी पास आ रहा है इसलिए आपके लिए यह जानना बेहद आवश्यक है।

आयकरदाता को कारोबार से होने वाली कमाई और नोकरी से होने वाली कमाई पर टैक्स स्लैब से हिसाब से आईटीआर दाखिल करना होता है। मगर आपको पता है कि इनकम टैक्स में नॉन टैक्सेबल इनकम के प्रावधान भी हैं। नॉन टैक्सेबल इनकम का तात्पर्य उस आय से है जो आयकर के आधीन नहीं है।
आयकर अधिनियम 1961 में कृषि से हुई से को आयकर के दायरे से बाहर रखा गया है। अविभाजित हिन्दू परिवार की आय, अचल संपत्ति से आमदनी या पुश्तैनी संपत्ति से कमाई पर कर नहीं लगता है।
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(ii) के मुताबिक, किसी रिश्तेदार द्वारा उपहार में दी गई संपत्ति, आभूषण, धन आदि सहित उपहारों को टैक्स से छूट दी जायेगी। हालांकि, रिश्तेदार के अलावा किसी और व्यक्ति से मिलने वाले उपहार में सिर्फ 50 हजार रु तक को छूट मिलती है।
गवर्नमेंट एंप्लॉय को गुजरने या रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रेच्युटी की राशि पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है। वही, अगर हम निजी क्षेत्र के कर्मचारी की बात करें तो फिर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट या समाप्ति या अक्षमता पर प्राप्त 10 लाख रु की ग्रेच्युटी राशि पर छूट मिलती है। आय कर के अधिनियम के अनुसार, ग्रेच्युटी पर कर छूट अन्य सीमाओं पर भी निर्भर करती है।
आयकर अधिनियम धारा 10(15) के मुताबिक, कुछ ब्याज आय पूर्ण टैक्स की छूट की श्रेणी के तहत आती है। इसमें गोल्ड डिपॉजिट बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज, लोकल अथॉरिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज और सुकन्या समृद्धि योजना के तहत मिलने वाला बैंक ब्याज शामिल हैं। इन पर मिलने वाला ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
इनकम टैक्स एक्ट अधिनियम के मुताबिक विभिन्न संस्थाओं के तरफ से छात्रों को उनकी शिक्षा पूरी करने के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति टैक्स फ्री है।


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