भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार, 15 मई 2025 का दिन काफी हलचल भरा रहा। मेटल, डिफेंस और PSU फाइनेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के Q4 नतीजों ने निवेशकों का पूरा ध्यान अपनी ओर खींचा। बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई, जहां BSE सेंसेक्स 1,200 अंकों से ज्यादा उछलकर 82,530.74 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 50 ने 25,000 का ऐतिहासिक स्तर पार करते हुए 395 अंकों की बढ़त दर्ज की। हालांकि, बाजार का मूड मिला-जुला बना हुआ है, इसलिए अब सारा खेल स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन और नतीजों पर टिका है।
Tata Steel Q4 FY25 Results: मुनाफे में जोरदार उछाल
टाटा स्टील ने चौथी तिमाही (Q4FY25) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के 611.48 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 1,300.81 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि, सालाना आधार पर रेवेन्यू 4.2% गिरकर 56,218 करोड़ रुपये रहा, लेकिन पिछली तिमाही (Q3FY25) के मुकाबले इसमें 4.8% की बढ़त दिखी है। यह रिकवरी संकेत है कि ग्लोबल मार्केट के दबाव के बावजूद भारत में स्टील की डिमांड फिर से जोर पकड़ रही है।

कलिंगनगर प्लांट में नए ब्लास्ट फर्नेस के शुरू होने से भारत में डिलीवरी 21 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 5% ज्यादा है। टाटा टिस्कॉन ने भी 19% की ग्रोथ के साथ 2.4 मिलियन टन का अब तक का सबसे बेहतरीन वॉल्यूम दर्ज किया। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 3.60 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है। ट्रेडर्स के लिए गौर करने वाली बात यह है कि नतीजे आने से पहले ही शेयर में काफी तेजी आ चुकी थी, इसलिए अब एंट्री लेवल पर सावधानी जरूरी है।
HAL Q4 FY25 Results: डिफेंस सेक्टर के नतीजों में उतार-चढ़ाव
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7.7% गिरकर 3,977 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 4,309 करोड़ रुपये था। लेकिन अगर पिछली तिमाही से तुलना करें, तो मुनाफा 176% की भारी बढ़त के साथ 1,440 करोड़ से सीधे 3,977 करोड़ रुपये पर जा पहुंचा। वहीं रेवेन्यू में भी तिमाही आधार पर 97% का उछाल आया और यह 13,700 करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़े डिफेंस सेक्टर में रेवेन्यू मिलने के खास पैटर्न को दर्शाते हैं।
सालाना गिरावट के बावजूद पूरे साल का प्रदर्शन मजबूत रहा है, जो बताता है कि डिफेंस सेक्टर में पेमेंट और रेवेन्यू का साइकिल थोड़ा अलग होता है। HAL के पास फिलहाल 1.02 लाख करोड़ रुपये के मैन्युफैक्चरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स हैं। इसमें 156 'प्रचंड' लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर्स के लिए रक्षा मंत्रालय के साथ हुआ 62,777 करोड़ रुपये का बड़ा सौदा भी शामिल है। नतीजों के बाद HAL के शेयरों में 4% की तेजी देखी गई।
Power Grid Q4 FY25 Results: स्थिर प्रदर्शन और डिविडेंड का तोहफा
सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन का मुनाफा इस बार लगभग स्थिर रहा। Q4 FY25 में कंपनी ने 4,142.87 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल 4,166.33 करोड़ रुपये था। कुल आय 12,305.39 करोड़ से बढ़कर 12,590.80 करोड़ रुपये हो गई। पावर ग्रिड जैसी रेगुलेटेड यूटिलिटी कंपनी के लिए मुनाफे में स्थिरता कोई निराशा की बात नहीं, बल्कि इसके बिजनेस मॉडल की मजबूती दिखाती है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 1.25 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि भारत की 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की राह और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस से कंपनी को 2032 तक बड़े मौके मिलेंगे। कंपनी ने खावड़ा से नागपुर तक 6,000 मेगावाट क्षमता वाला एक बड़ा TBCB HVDC प्रोजेक्ट भी जीता है, जो महाराष्ट्र में बिजली सप्लाई करेगा। ये नए प्रोजेक्ट्स पावर ग्रिड की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को मजबूती दे रहे हैं।
IRFC Q4 FY25 Results: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में मामूली गिरावट
इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 2% गिरकर 1,681.87 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 1,717.32 करोड़ रुपये था। हालांकि, कुल आय 3.8% बढ़कर 6,724 करोड़ रुपये हो गई। भले ही मुनाफे के आंकड़ों ने कुछ लोगों को निराश किया हो, लेकिन असली खबर IRFC के फ्यूचर प्लान में छिपी है।
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से 60,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दी है। IRFC अब सिर्फ रेलवे तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि मेट्रो और रैपिड रेल प्रोजेक्ट्स की फाइनेंसिंग में भी उतरने की तैयारी कर रही है। इन नए प्रोजेक्ट्स में मार्जिन पुराने बिजनेस (35-40 बेसिस पॉइंट्स) के मुकाबले काफी ज्यादा (100-150 बेसिस पॉइंट्स) होने की उम्मीद है।
SAIL Q4 FY25 Results: सरकारी स्टील कंपनी की दमदार वापसी
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 11.1% बढ़कर 1,251 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 1,125.68 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी 4.9% बढ़कर 29,316 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने इस तिमाही में 5.3 मिलियन टन की शानदार सेल्स वॉल्यूम दर्ज की, जो पिछले साल 4.6 मिलियन टन थी।
सरकार की नई नीतियों का फायदा भी घरेलू स्टील कंपनियों को मिल रहा है। सस्ते आयात को रोकने के लिए सरकार ने पांच स्टील प्रोडक्ट्स पर 12% की प्रोविजनल सेफगार्ड ड्यूटी लगाई है। जानकारों का मानना है कि इससे घरेलू बाजार में स्टील की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा फायदा टाटा स्टील, JSW स्टील और SAIL जैसी कंपनियों के मार्जिन में सुधार के रूप में दिखेगा।
| कंपनी | Q4 FY25 नेट प्रॉफिट | सालाना बदलाव (YoY) | रेवेन्यू |
|---|---|---|---|
| Tata Steel | Rs 1,301 करोड़ | +113% | Rs 56,218 करोड़ |
| HAL | Rs 3,977 करोड़ | -7.7% | Rs 13,700 करोड़ |
| Power Grid | Rs 4,143 करोड़ | लगभग स्थिर | Rs 12,591 करोड़ |
| IRFC | Rs 1,682 करोड़ | -2% | Rs 6,723 करोड़ |
| SAIL | Rs 1,251 करोड़ | +11.1% | Rs 29,316 करोड़ |
नतीजों से भरे इस हफ्ते के अंत में बाजार का संदेश काफी स्पष्ट है। सरकारी नीतियों के दम पर मेटल सेक्टर वापसी कर रहा है, डिफेंस सेक्टर में तिमाही उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि की ग्रोथ बरकरार है और PSU कंपनियां अच्छा डिविडेंड दे रही हैं। 15 मई की इस तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान भी रहा, जिसमें उन्होंने भारत द्वारा अमेरिकी सामानों पर टैरिफ खत्म करने के प्रस्ताव का जिक्र किया था। ट्रेडर्स के लिए अब मौका उन शेयरों में है जो नतीजों के बाद मोमेंटम दिखा रहे हैं, बस जरूरत है शॉर्ट-टर्म शोर और लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स के बीच फर्क समझने की।


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