Air India : Tata Sons ने इल्कर आयसी को सौंपी कमान, जानिए कौन हैं यह

लंबे इंतजार के बाद आज एअर इंडिया के नए एमडी और सीईओ से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जी हां टाटा संस ने आज इल्कर आयसी को एअर इंडिया का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया।

नई दिल्ली, फरवरी 14। लंबे इंतजार के बाद आज एअर इंडिया के नए एमडी और सीईओ से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जी हां टाटा संस ने आज इल्कर आयसी को एअर इंडिया का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया। इल्कर आयसी की उम्मीदवारी पर विचार करने के लिए एअर इंडिया बोर्ड की सोमवार दोपहर बैठक हुई है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी इस बोर्ड बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल हुए थे।

Tata Sons Appoints Ilkar IC As CEO And MD Of Air India

आयसी पहले थे तुर्की एयरलाइंस के चेयरमैन
एअर इंडिया से जुड़ने के बाद आयसी ने कहा, मैं एक प्रतिष्ठित एयरलाइन का नेतृत्व करने और टाटा समूह में शामिल होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। एयर इंडिया में अपने सहयोगियों और टाटा समूह के नेतृत्व के साथ मिलकर काम करते हुए हम एअर इंडिया का पुराना गौरव पाने का प्रयास करेंगे। इसे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एयरलाइनों में से एक बनाने का लक्ष्य होगा। एअर इंडिया के पास बेहतर उड़ान अनुभव है। आयसी तुर्की एयरलाइंस के चेयरमैन भी रह चुके हैं।

जानि‍ए इल्कर आयसी के बारे में
इल्कर आयसी तुर्की के बड़े बिजनेसमैन के रूप में जाने जाते हैं। वह 1994 में तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन के सलाहकार भी रह चुके हैं। उन्होंने 2015 से लेकर 2022 तक तुर्की एअरलाइंस के अध्यक्ष के रूप में काम किया। इल्कर आयसी ने इस्तांबुल महानगर पालिका में भी कई पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने 2005 से 2011 तक कई इंश्योरेंस कंपनियों के सीईओ के रूप में भी काम किया है। जनवरी 2011 में, उन्होंने तुर्की के प्रधान मंत्रालय निवेश सहायता और संवर्धन एजेंसी के अध्यक्ष के रूप में सेला दी थी। इल्कर आयसी तुर्की स्थित बिल्केंट विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के 1994 बैच के पूर्व छात्र हैं। वह कुछ समय पहले तक टर्किश एयरलाइंस के चेयरमैन थे।

याद द‍िला दें कि 27 जनवरी को, टाटा ने एअर इंडिया, उसकी सहायक एअर इंडिया एक्सप्रेस के साथ-साथ संयुक्त उद्यम एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का नियंत्रण ले लिया। प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए सरकार ने घाटे में चल रही एअर इंडिया को टैलेस को 18,000 करोड़ रुपये में बेच दिया। सौदे के हिस्से के रूप में, टैलेस ने 2,700 करोड़ रुपये नकद का भुगतान किया और एयरलाइन का 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया। एअर इंडिया के शेष ऋण और उधार को एअर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) को हस्तांतरित कर दिया गया।

वर्षों तक कर्ज में डूबे रही थी कंपनी
देश में एअरलाइंस की शुरुआत टाटा समूह ने ही की थी। बाद में इसे सरकार ने अधिग्रहित कर एअर इंडिया का नाम दिया। लगभग सात दशक बाद एक बार फिर एअर इंडिया टाटा की झोली में आ गई। वर्षों तक कर्ज में डूबे रहने के कारण इसकी हालत खस्ता हो गई है। 2009 से लेकर अबतक सरकार ने एअर इंडिया को संकट से उबारने के लिए करोड़ों खर्च किए। अंत में उसने इसे बेचने का फैसला किया। टाटा समूह ने 18000 करोड़ की बोली लगाकर इसे खरीद लिया।

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