
Tata Mutual Fund : टाटा डिजिटल इंडिया फंड (डायरेक्ट प्लान) ग्रोथ ने पांच साल की अवधि में 199.56 फीसदी का एब्सॉल्यूट रिटर्न दिया है। यह म्यूचुअल फंड स्कीम 2015 दिसंबर में लॉन्च की गई थी, और इस समय इस स्कीम का मैनेजमेंट मीता शेट्टी कर रही हैं, जो कि लीड फंड मैनेजर के रूप में इस स्कीम को संभाल रही हैं। यही वो फंड ने जिसने बेहद कम समय में निवेशकों का पैसा तीन गुना कर दिया है। आगे जानिए फंड की डिटेल।
इक्विटी म्युचुअल फंड है ये स्कीम
टाटा डिजिटल इंडिया म्यूचुअल फंड एक इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम है, जिसका निवेश उद्देश्य इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सेक्टर की कंपनियों के इक्विटी/इक्विटी रिलेटेड इंस्ट्रूमेंट्स में अपनी नेट एसेट वैल्यू का कम से कम 80 फीसदी निवेश करके लंबी अवधि में पैसा बनाना है। फंड का एसेट साइज 6,463.67 करोड़ रुपये है और इसकी मौजूदा नेट एसेट वैल्यू 37.49 रुपये प्रति यूनिट है।
टाटा डिजिटल इंडिया म्यूचुअल फंड का पोर्टफोलियो
टाटा डिजिटल इंडिया म्यूचुअल फंड स्कीम के पोर्टफोलियो में आईटी सेक्टर के शेयरों की होल्डिंग 93.4 फीसदी है। इनमें सॉफ्टवेयर, आईटीईएस और हार्डवेयर के शेयर शामिल हैं। वहीं बाकी 6.6 फीसदी पैसा कैश है। कंपनी के पास विदेशी आईटी कंपनियों अमेजन, एक्सेंचर, एडॉब, माइक्रोसॉफ्ट, एल्फाबेट और ग्लोबैंट के अलावा भारतीय दिग्गज इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी निवेश है।
टाटा डिजिटल इंडिया म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन
3 और 5 वर्षों में इस योजना ने क्रमशः 117.57 फीसदी और 199.56 फीसदी का एब्सॉल्यूट रिटर्न दिया है। जबकि इसका सालाना रिटर्न इसी अवधि के कैटेगरी के औसत रिटर्न 17.33 फीसदी और 10.62 फीसदी के मुकाबले 29.55 फीसदी और 24.51 फीसदी रहा है। शुरुआत के बाद से इस स्कीम ने 20.32 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है। 5 सालों में 199.56 फीसदी रिटर्न का मतलब है कि किसी ने 5 साल पहले इस स्कीम में जितने पैसे लगाए होते तो उसका पैसा अब तक तीन गुना हो गया होता।
पांच साल की एसआईपी से कितना बन जाता पैसा
अगर किसी ने पांच साल के लिए इस स्कीम में 10,000 रुपये की मासिक एसआईपी की होती, तो उसका कुल फंड 10.75 लाख रुपये का हो गया होता। यानी कुल 6 लाख रुपये के निवेश पर पांच साल में 79.29 फीसदी का रिटर्न मिलता। हालांकि, ध्यान रहे कि पिछला परफॉर्मेंस आगे भी बरकरार रहेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
किसके लिए है बेहतर
अपने उद्देश्य के लिहाज से टाटा डिजिटल इंडिया म्यूचुअल फंड, उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो लंबे समय तक निवेश बरकरार रखने के लिए इक्विटी योजनाओं में निवेश करना चाहते हैं। मगर ये उनके लिए है, जो अधिक जोखिम ले सकते हैं। एक सेक्टोरल फंड होने के नाते, यह एक स्पेसिफिक सेक्टर के इक्विटी शेयरों पर ज्यादा फोकस करता है। आईटी सेक्टर से जुड़ा कोई भी ऐलान स्कीम के परफॉर्मेंस पर निगेटिव प्रभाव भी डाल सकता है। इसलिए, ध्यान रहे कि इस स्कीम में निवेश पर जोखिम बहुत अधिक है।
नोट : यहां पर निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

IPO बंद होने का आखिरी मौका: आज शाम 5 बजे से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना अटक सकता है पैसा

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन



Click it and Unblock the Notifications