कोरोना संकट : Tata Group अस्थायी कर्मचारियों को देगी मार्च, अप्रैल का पूरा वेतन

कोरोनावायरस के बढ़ते खौफ को देखते हुए टाटा ग्रुप ने बड़ा फैसला लिया है। कोरोनावायरस के कारण एक तरफ जहां नौकरियां जाने और वेतन में कटौती की डर बना हुआ है।

नई द‍िल्‍ली: कोरोनावायरस के बढ़ते खौफ को देखते हुए टाटा ग्रुप ने बड़ा फैसला लिया है। कोरोनावायरस के कारण एक तरफ जहां नौकरियां जाने और वेतन में कटौती की डर बना हुआ है। इन सब के बीच टाटा ग्रुप ने कहा है कि वह देशभर में अपने ऑफिस और मैन्युफैक्चरिंग साइट्स पर काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों तथा दिहाड़ी मजदूरों को पूरा वेतन देगा। टाटा की कुछ कंपनियों जैसे टाटा प्रॉजेक्ट्स में भारी तादाद में अस्थायी कर्माचारी कंस्ट्रक्शन गतिविधियों से जुड़े हैं।

Tata Group Companies Will Give Full Salary To Temporary Employees

कर्मचारियों की सैलरी पर आएंगी बात तो खुद अपनी सैलरी नहीं लेंगे राजीव बजाज
इतना ही नहीं कोरोनावायरस से पड़ने वाले असर को कम करने के लिए अन्य कंपनियां भी अपनी तरफ से थोड़ी-बहुत पहल कर रहे हैं। बजाज समूह के राजीव बजाज की माने तो किसी कर्मचारी को काम पर निकालने की नौबत आने से पहले वह खुद अपनी सैलरी नहीं लेंगे। वहीं बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज देश के सबसे ज्यादा वेतन लेने वाले अधिकारियों में से हैं और वित्त वर्ष 2019 में उन्हें 32 करोड़ रुपये की सैलरी मिली थी। ऑनलाइन पेमेंट ऐप कंपनी पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा अपने ऑफिस के कर्मचारियों की मदद के लिए दो महीने की सैलरी नहीं लेंगे। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नियोक्ताओं से अपील की थी कि वे परीक्षा की इस घड़ी में लोगों के वेतन में कटौती नहीं करें।

कर्मचार‍ियों को मि‍लेगा मार्च और अप्रैल महीने का पूरा वेतन
वहीं टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा है कि मौजूदा हालात का समाज के कमजोर सामाजिक-आर्थिक तबके के लोगों पर गहरा वित्तीय असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि संकट की इस घड़ी में हमारे ग्रुप की कंपनियां अस्थायी कर्मचारियों तथा दिहाड़ी कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल महीने का पूरा वेतन देने के लिए कटिबद्ध है। भले ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से ये कर्मचारी काम पर नहीं आएं, साइट बंद हो, कंपनी बंद हो या कोई अन्य कारण हो।

इन कंपनियों ने की वेतन में कटौती
दूसरी तरफ आपको इस बात से भी अवगत करा दें कि हाल में एयरलाइन कंपनी इंडिगो एयरलाइंस, गोएयर तथा एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों की सैलरी तथा अन्य सुविधाओं में कटौती की घोषणा की थी। विभिन्न देशों द्वारा यात्रा प्रतिबंध लगाने की वजह से सबसे ज्यादा असर एयरलाइंस कंपनियों पर पड़ा है। हालांकि, ट्रैवल स्टार्टअप कंपनी अभीबस के फाउंडर सुधाकर शेट्टी ने कहा है कि 50 फीसदी कम सैलरी लेंगे और एक भी नौकरी नहीं जाने देंगे।

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