Tata Capital Report: आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि एक रिपोर्ट में पता है कि भारत की डिजिटल हेल्थ केयर कंपनियों की हालत काफी खराब है। मिल रही जानकारी के मुताबिक इन कंपनियों के पास सिर्फ 9 महीने का कैश बचा है। आपको बताते चलें कि डिजिटल हेल्थ केयर कंपनियों में ऑनलाइन फॉर्मेसी के अलावा डिजिटल फिटनेस ऐप भी मुख्य रूप से शामिल हैं।
आपको बताते चलें कि यह रिपोर्ट डिजिटल हेल्थ केयर सेक्टर से जुड़ी 120 कंपनियों के विश्लेषण के बाद निकल गई है। मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों को बड़े लेवल पर कैश की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इन कंपनियों की वैल्यूएशन करीब 6.5 अरब डॉलर की है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की इसमें किसी भी कंपनी के पास कुल कितना कैश बचा है इसकीजानकारी नहीं है। हालांकि कंपनियां अपने प्रॉफिट को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन कई ऐसी चुनौतियां हैं, जिनका सामना करना काफी मुश्किल है।
विशेषज्ञों के मन में एक और सवाल चल रहा है कि आने वाले समय में इस फंडिंग की कमी से वजह से आने वाले महीना में इन कंपनियों की ग्रोथ पर क्या और कितना असर पड़ेगा। रिपोर्ट में यह साफ पता चल रहा है कि इस कंपनी की ग्रोथ में काफी ज्यादा धीमापन है, वहीं प्रॉफिट को लेकर भी कुछ खास नहीं दिख रहा है और लोगों के मन में आशंकाएं भी बनी हुई हैं।
आपको बताते चलें कि एक रिपोर्ट के अनुसार ऑनलाइन फार्मेसी के मामले में दो बड़ी कंपनियों में से एक का फाइनेंशियल ईयर 23 में 1mg कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 160 प्रतिशत के आसपास रही थी। वहीं नेटमेड्स के रेवेन्यू में भी 75 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया था।
ऐसी खबरें आ रही हैं कि नेटमेड्स जल्द ही ऑफलाइन मार्केटिंग में भी उतरने वाला है। मार्केट में उतरने के लिए नेटमेड्स करीब 2000 फार्मेसी स्टोर खोलने वाला है।
अगर आप पिछले 5 साल की बात करते हैं तो ई-फॉरमेसी सेगमेंट में करीब दो अरब डॉलर के आसपास की फंडिंग मिली थी। आपकी जानकारी के लिए बताते चले की फार्मईजी कंपनी की वैल्यूएशन में भी काफी बदलाव हुआ है। जानकारी के मुताबिक इस कंपनी का आईपीओ पूरी तरह से सक्सेसफुल नहीं रहा था। इससे कंपनी के वैल्यूएशन में 90 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है।
वहीं कई और कंपनियां हैं। जैसे टाटा 1mg और नेटमेड्स जैसे कॉर्पोरेट द्वारा बैक किए गए प्लेटफॉर्म में नुकसान ग्रोथ देखने को मिल रही है।
हालांकि इन कंपनियों की डिमांड काफी बढ़ती जा रही है, लेकिन फिर भी फंड की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि फंड की कमी कंपनी की ग्रोथ को किस प्रकार प्रभावित करती है और उसका डायरेक्टर प्रॉफिट पर क्या असर पड़ता है।
आपको बताते चलें कि आप इन ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए दवाएं और सप्लीमेंट मंगवा सकते हैं। कुछ एप्लीकेशन तो आपको चेकअप की भी सुविधा मुहैया करवाते हैं। हालांकि अब नेटमेड्स जैसे प्लेटफॉर्म ऑफलाइन मार्केट में उतर रहे हैं और यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि कंपनी ऑफलाइन मार्केट से कितनी जबरदस्त कमाई कर पाती है।
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