Tariff News in Hindi: अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रेड पार्टनर्स पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिसका ऐलान 3 अप्रैल को व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन में किया गया. इसमें राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक नए ग्लोबल टैरिफ स्ट्रक्चर का ऐलान किया. उन्होंने "लिबरेशन डे" के रूप में इसकी घोषणा की, जिसमें नए अमेरिकी इंपोर्ट चार्ज का डीटेल्स देने वाला एक चार्ट शामिल था. इसके ठीक दो दिन बाद भारत, वियतनाम और इज़राइल जैसे देशों ने छूट हासिल करने या अनुकूलित ट्रेड डील बनाने के लिए अमेरिका के साथ तत्काल बातचीत शुरू कर दी है. हालांकि, चीन, कनाडा जैसे चुनिंदा देशों ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ का ऐलान किया है.
टैरिफ पर भारत कर अमेरिका से बातचीत!
भारत, ट्रम्प की पारस्परिक कर योजना (Reciprocal Tariff Policy) के तहत टैरिफ राहत के लिए पर्दे के पीछे सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है. मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक ट्रेड डील के लिए चर्चा चल रही है, जिसके तहत नई दिल्ली बादाम और पिस्ता जैसे कुछ अमेरिकी एग्री प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी कम कर सकती है. बदले में अमेरिका ऑटो पार्ट्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे भारतीय निर्यात पर टैरिफ राहत की पेशकश कर सकता है.
दोनों देशों में ट्रेड पर चर्चा
भारत और अमेरिका के बीच मीटिंग का नेतृत्व सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच ने 24-29 मार्च को दिल्ली में किया. इन चर्चाओं के बावजूद ट्रम्प ने कुछ ही समय बाद भारतीय सामानों पर 26% टैरिफ की घोषणा की. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों की ट्रेड टीमें टैरिफ कटौती के लिए वस्तुओं पर सहमत होने के लिए काम कर रही हैं.
भारत वर्तमान में अमेरिका को 10वां सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है, जिसका शिपमेंट 2024 में 91 बिलियन डॉलर का होगा. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट और चौथा सबसे बड़ा इंपोर्ट सोर्स है. व्हाइट हाउस में 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान,ट्रम्प ने भारत को "टैरिफ किंग" के रूप में अपने विचार को दोहराया था.

भारत के अलावा वियतनाम भी 46% अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित होने के बाद स्थिति को संभालने में सक्रिय रहा है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक वियतनाम ने अमेरिकी आइटम्स पर टैरिफ कम कर दिया है. ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर वियतनामी महासचिव टो लैम के साथ एक प्रोडक्टिव कॉल के बारे में साझा किया, जिन्होंने बायलिटरल ट्रेड डील के बदले में टैरिफ को शून्य तक कम करने की इच्छा व्यक्त की.
टैरिफ पॉलिसी पर ग्लोबल रिएक्शन
ट्रम्प की नई पॉलिसी से प्रभावित होने वाला एक और देश इजराइल है, जो अमेरिका को अनिर्दिष्ट इजराइली निर्यात पर 17% टैरिफ लगाता है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की. अमेरिका इजराइल का सबसे बड़ा सिंगल ट्रेड पार्टनर बना हुआ है.
कंबोडिया को एशिया में सबसे ज़्यादा 49% अमेरिकी टैरिफ़ का सामना करना पड़ रहा है. वह अमेरिकी आयातों पर टैरिफ कम करने की योजना बना रहा है. इंडोनेशिया, जो 32% टैरिफ़ का सामना कर रहा है. ट्रेड नियमों को आसान बना रहा है और वाशिंगटन में एक प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है. सिंगापुर ने पूरी तरह से जवाबी कार्रवाई न करने का फ़ैसला किया है.
शेयर बाज़ार पर टैरिफ का भयंकर असर
ट्रम्प की ओर से टैरिफ के ऐलान से स्टॉक मार्केट में भारी नुकसान हो रहा. S&P 500, नैस्डैक समेत अन्य इंडेक्स में भारी गिरावट आई. शुक्रवार को S&P 500 इंडेक्स 11 महीने के निचले स्तर पर आ गया. उधर फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने टैरिफ के कारण संभावित महंगाई बढ़ने की आशंका जताई, जिससे केवल दो ट्रेडिंग सेशन में मार्केट कैप में 5.4 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट आई. इंडेक्स में 6% की गिरावट आई, जोकि मार्च 2020 के बाद से इसका सबसे खराब प्रदर्शन है. इस दौरान एनवीडिया और एप्पल जैसे प्रमुख टेक शेयरों में 7% से ज्यादा की गिरावट और टेस्ला में 10% की गिरावट आई.


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