Trump Tariffs Effect; Trump Tariffs Impact on Indian Stock Market : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए 50 फीसदी टैरिफ के बाद घरेलू शेयर बाज़ार में कमजोरी देखी जा रही है। सी-फूड्स वाली कंपनियों समेत अन्य सेक्टर में कामकाज करने वाली कंपनियों के शेयरों पर इसका व्यापक असर देखा जा रहा है।

हालांकि, बढ़ते वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी टैरिफ, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक सख्ती के बीच भारत की इकोनॉमी ने मजबूती दिखाई है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसियों ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकरात्मक रूख दिखाया है।
ऐसे में निवेशकों के लिए अब यह समझना जरूरी हो जाता है कि भारतीय शेयर बाज़ार पर ट्रम्प टैरिफ का कितना असर होगा? इसी संदर्भ में देश के दो सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज-नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)-के प्रमुख ने अपनी राय व्यक्त की है।
दोनों ही एक्सचेंज के CEO का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, नीति सुधार और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी ने बाजार को बाहरी झटकों से बचाने में मदद की है। इससे भारत एक आकर्षक और भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत हुआ है।
NSE और BSE के प्रमुखों का मानना है कि अमेरिका की ओर लगाया गया नया टैरिफ भारत के लिए बड़ी चिंता नहीं हैं, बल्कि घरेलू ताकत, निवेशकों का भरोसा और नीतिगत सुधार भारत को 2047 तक 'विकसित भारत' की राह पर और तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं।
NSE CEO आशीष कुमार चौहान ने क्या कहा?
NSE के CEO और प्रबंध निदेशक आशीष कुमार चौहान ने कहा कि भारत का कैपिटल मार्केट सिस्टम लगातार मजबूत और स्थिर हो रहा है। इसका कारण देश में तेजी से होने वाला आर्थिक वृद्धि, बड़ा घरेलू बचत पूल, मजबूत बैंकिंग सिस्टम और लगातार इंफ्रास्ट्रक्चरल रिफॉर्म है।
उन्होंने बताया कि डिजिटलीकरण की तेज़ रफ्तार से वित्तीय समावेशन और निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है। यही आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर पेश करता है, जहां घरेलू ताकत और आत्मनिर्भरता भारत को बाहरी झटकों से बचा रही है।
आशीष चौहान ने कहा कि पिछले तीन दशका यानी 30 वर्षों में भारत ने एशियाई वित्तीय संकट (1990 का दौर), 9/11 के बाद की स्थिति, 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी और कोविड-19 महामारी जैसे बड़े वैश्विक संकटों का सामना किया है, लेकिन हर बार बेहतर सुधारों, सशक्त संस्थानों और निवेशकों के भरोसे के साथ भारत और मजबूत बनकर उभरा है।
BSE CEO सुंदररमन रामामूर्ति ने क्या कहा?
BSE के CEO सुंदररमन रामामूर्ति ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया टैरिफ का असर भारत की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर बहुत कम होगा। उन्होंने कहा कि फार्मा इंटस्ट्रीज, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे अहम सेक्टर में अमेरिका की ओर से छूट मिली हुई है इससे हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी।
रामामूर्ति ने कहा कि घरेलू मांग, मेक इन इंडिया प्रोग्राम और नए व्यापारिक समझौतों ने निवेशकों का भरोसा भारतीय शेयर बाज़ार पर बढ़ाया है। वहीं घरेलू स्तर पर निवेशकों और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से भारतीय शेयर बाजार और भी जीवंत हो गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की मजबूत बुनियाद और नीतिगत उपाय विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के स्थिर प्रवाह को सुनिश्चित करेंगे। यही मजबूती भारत को विकसित भारत 2047 की दिशा में आगे ले जाएगी और वैश्विक आर्थिक ताकत के रूप में स्थापित करेगी।


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